मरीज की मौत के बाद मानकर ग्रामीण अस्पताल में तांडव, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट का आरोप
पूर्व बर्दवान, 20 सितंबर (हि. स.)। जिले के बुदबुद स्थित मानकर ग्रामीण अस्पताल में मरीज की मौत के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। शनिवार देर रात अस्पताल में तोड़फोड़ करने के साथ ही ड्यूटी पर मौजूद नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने का भी गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रविवार सुबह से ही पर्याप्त सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए।
मृतक की पहचान मानकर निवासी बुधन बाउरी (55) के रूप में हुई है।
अस्पताल के अधीक्षक सप्तर्षि कोनार ने बताया कि शनिवार रात तबीयत खराब होने पर बुधन बाउरी को मानकर ग्रामीण अस्पताल लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्सों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और कुछ समय तक उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया। उपचार के बाद जब मरीज ने कुछ बेहतर महसूस करने की बात कही तो परिजनों से बातचीत के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
आरोप है कि अस्पताल से घर लौटने के करीब एक घंटे के भीतर रास्ते में ही बुधन बाउरी की मौत हो गई। इसके बाद परिजन और इलाके के कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू हो गई। आरोप है कि आपातकालीन विभाग में रखी दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति बिगड़ती देख ड्यूटी पर मौजूद नर्स और महिला स्वास्थ्यकर्मी खुद को बचाने के लिए एक कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि हंगामा कर रहे लोगों ने दरवाजे पर लात मारकर उसे तोड़ दिया और कमरे में घुसकर नर्सों व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की। इस घटना से अस्पताल परिसर में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना पाकर बुदबुद थाने की पुलिस बड़ी संख्या में मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मृतक का शव अपने कब्जे में लेकर रविवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की ओर से घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सुरक्षा की मांग को लेकर रविवार सुबह से अस्पताल के मुख्य गेट के सामने धरना शुरू किया गया।
आंदोलन कर रहे एक डॉक्टर ने कहा कि अगर कार्यस्थल पर ही उनकी जान को खतरा रहेगा तो वे मरीजों को सुरक्षित तरीके से सेवा कैसे दे पाएंगे। उन्होंने प्रशासन से लिखित आश्वासन और ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल की आपातकालीन और जरूरी चिकित्सा सेवाएं जारी रखी गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

