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'एक शाम किताबों के नाम आयोजन में रचनात्मक और अभिव्यक्ति शैली पर मंथन

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'एक शाम किताबों के नाम आयोजन में रचनात्मक और अभिव्यक्ति शैली पर मंथन


कोलकाता, 25 जुलाई (हि. स.)। कोलकाता स्थित श्री बड़ा बाजार कुमार सभा पुस्तकालय के तत्वावधान में शनिवार को एक शाम किताबों के नाम कार्यक्रम श्रृंखला का छठा आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यासागर सांध्य कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जुन ठाकुरने कहा कि रचनाकार अपनी भावना को रचना के माध्यम से अभिव्यक्ति देता है। रचनात्मकता के लिए सांवेदिक उद्वेलन जरूरी है।

अर्जुन ठाकुर ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में चयनित पुस्तकों की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि ये नई पीढ़ी आश्वस्त करती है कि आने वाला समय उज्ज्वल होगा।

कार्यक्रम में परमजीत कुमार पंडित की कृति जितेन्द्र श्रीवास्तव की कविताओं में स्त्री चेतना', श्रीमती मीतू कानोडिया की काव्य कृति ह्मदय पुष्प' तथा धर्म दुबे की पुस्तक 'कुछ अपनी कुछ आपकी' पर विशेष चर्चा हुई। लेखकीय वक्तव्य के पश्चात समीक्षात्मक टिप्पणी विद्यासागर कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुलेखा कुमारी, बैरकपुर राष्ट्रगुरु सुरेन्द्रनाथ कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बिक्रम कुमार साव एवं वाणिज्यिक संस्था के कार्यकारी अधिकार डॉ. आदित्य विक्रम सिंह ने की।

कुमारसभा के अध्यक्ष महावीर प्रसाद बजाज ने इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग एवं स्वाध्याय से स्वाभिमान का निर्माण होता है। महानगर के साहित्यकारों की सद्य प्रकाशित पुस्तकों में किन्ही चयनित तीन रचनाकारों की कृतियों पर चर्चा हेतु इस मंच की स्थापना की गई है। इसमें हिन्दी के अतिरिक्त भोजपुरी, मैथिली, राजस्थानी एवं अन्य भाषाओं की कृतियों पर भी चर्चा होगी।

कार्यक्रम के आरंभ में सुप्रसिद्ध कवि रमाकान्त सिन्हा ने सस्वर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन किया डॉ. कमल कुमार ने तथा कल्याण मंत्र से सत्यप्रकाश राय ने समापन किया।

इस गोष्ठी में महानगर के कई गणमान्य साहित्यकार तथा विद्वत जन एवं साहित्यप्रेमी सम्मलित हुए जिन्होंने इस सारस्वत आयोजन की सराहना की।

समारोह में सर्वश्री बंशीधर शर्मा, प्रदीप सूंठवाल, नन्दकुमार लढ़ा, अरुणप्रकाश मल्लावत, मनोज काकड़ा, रामचन्द्र अग्रवाल, रामपुकार सिंह, भागीरथ सारस्वत, ज्ञानप्रकाश पाण्डेय, सत्यप्रकाश दूबे शहीद कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गंगा