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पुरुलिया और बांकुड़ा में भाजपा को मिली 21 सीटें, तृणमूल का सफाया

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पुरुलिया और बांकुड़ा में भाजपा को मिली 21 सीटें, तृणमूल का सफाया


पुरुलिया, 05 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जंगलमहल क्षेत्र के दो जिलों पुरुलिया और बांकुड़ा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की है। दोनों जिलों की कुल 21 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल कर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस का पूरी तरह सफाया कर दिया। पुरुलिया की नौ और बांकुड़ा की 12 सीटों में से किसी पर भी तृणमूल खाता नहीं खोल सकी।

सोमवार को पुरुलिया के रांची रोड स्थित मतगणना केंद्र के बाहर पहले राउंड से ही भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शाम को समर्थक गुलाल उड़ाकर और बैंड की धुन पर नाचकर जीत का जश्न मनाते नजर आए।

मंगलवार सुबह तृणमूल के जिलाध्यक्ष राजीवलोचन सोरेन ने इस करारी हार पर टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि पार्टी के राज्य महासचिव सुजॉय बनर्जी ने कहा कि सभी सीटों पर इस तरह की हार से साफ है कि चुनाव में ध्रुवीकरण हुआ है।

वहीं, पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि तृणमूल के भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और लोकतंत्र को कमजोर करने के खिलाफ लोगों का गुस्सा इस चुनाव परिणाम में दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुर्मी समुदाय के वोटों में बदलाव, प्रवासी मजदूरों की नाराजगी और भाजपा की ओर से किए गए ‘अन्नपूर्णा भंडार’ तथा ‘नारी शक्ति कार्ड’ जैसी योजनाओं के वादों ने तृणमूल के महिला वोट बैंक को भी प्रभावित किया। तृणमूल को उम्मीद थी कि कम से कम चार सीटों पर जीत मिलेगी, लेकिन मतगणना के शुरुआती दौर से ही यह उम्मीद टूटती नजर आई।

बांकुड़ा में भी भाजपा को बड़ी सफलता मिली। बांकुड़ा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नीलाद्रिशेखर दाना ने 50 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। फोन पर उन्होंने कहा कि यह जनता का फैसला है और तृणमूल सरकार के भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ लोगों ने एकजुट होकर वोट दिया।

ओंदा सीट से भाजपा उम्मीदवार अमरनाथ शेखर ने जीत के बाद क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया।

उधर, ओंदा से तृणमूल उम्मीदवार सुब्रत दत्त ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि शायद जनता बदलाव चाहती थी, इसलिए उन्होंने यह फैसला दिया। वहीं, बड़जोड़ा से तृणमूल उम्मीदवार गौतम मिश्रा ने कहा कि जनता ने जो चाहा वही हुआ।

बड़जोड़ा से माकपा उम्मीदवार सुजीत चक्रवर्ती का मानना है कि यह सत्ता विरोधी लहर का परिणाम है, जिसमें लोगों ने तृणमूल के खिलाफ भाजपा को समर्थन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता