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अनुशासनहीनता के आरोप में दो भाजपा नेता निलंबित

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अनुशासनहीनता के आरोप में दो भाजपा नेता निलंबित


पश्चिम बर्दवान, 19 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने दो नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने रानीगंज मंडल-1 की कमेटी को भी भंग कर दिया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता के अनुसार, रानीगंज मंडल के नेता आनंद साव और आसनसोल सांगठनिक जिला सचिव बादशाह चटर्जी को तत्काल प्रभाव से सभी सांगठनिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। आसनसोल जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने दोनों नेताओं को इस संबंध में नोटिस जारी किया है।

घटना 14 अगस्त की बताई जा रही है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आसनसोल में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद और झड़प की स्थिति उत्पन्न हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

भाजपाके अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में बादशाह चटर्जी भी शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद आनंद शॉ सहित पार्टी के कुछ कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए अपने साथियों की रिहाई की मांग की। इसी दौरान थाने के परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आनंद शॉ सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस पूरे घटनाक्रम का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें भाजपा नेता और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद दिखाई देने का दावा किया गया।

भाजपा की ओर से मंगलवार रात दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। नोटिस में कथित दुर्व्यवहार का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।

जिलाध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और अन्य प्रासंगिक मुद्दों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की अनुमति से दोनों नेताओं को तत्काल प्रभाव से सभी सांगठनिक जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद रानीगंज की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद और उसके बाद पुलिस थाने में हुए टकराव से उत्पन्न स्थिति को नियंत्रित करना चाहता है।

पार्टी की इस कार्रवाई को भाजपा नेतृत्व की ओर से अनुशासनहीनता और कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों के साथ टकराव के खिलाफ कड़ा संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा