home page

राष्ट्रीय ध्वज लेकर सड़कों पर उतरी भाजपा, 'अराजकता और देशविरोधी नारों' के खिलाफ किया विरोध मार्च

 | 

कोलकाता, 27 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में पिछले शुक्रवार नीट परीक्षा से जुड़े आंदोलन के दौरान धर्मतला में हुई हिंसा, पत्रकारों पर हमले और देशविरोधी नारेबाजी के आरोपों के विरोध में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता में दो स्थानों पर विरोध मार्च निकाला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पार्टी का झंडा छोड़ राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर मार्च किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

एक मार्च सियालदह से धर्मतला तक निकाला गया, जबकि दूसरा गोलपार्क से जादवपुर तक पहुंचा। भाजपा नेताओं का आरोप है कि पिछले शुक्रवार एसएफआई समेत वामपंथी छात्र संगठनों के आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने, राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने और पत्रकारों पर हमला करने जैसी घटनाएं हुईं, जिन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सियालदह से निकले मार्च में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार, मंत्री तापस राय, विधायक विजय ओझा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर प्रदर्शन किया और देशविरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

मंत्री तापस राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब राष्ट्रवादी लोगों की सरकार है और जो भी राष्ट्रीय ध्वज, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या देश की संस्थाओं का अपमान करेगा तथा मीडिया पर हमला करेगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को इतनी लंबी अवधि तक जेल में रहना पड़ेगा कि वे बाहर की दुनिया भूल जाएंगे।

तापस राय ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अब राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। यदि भविष्य में इस तरह की कोई घटना सामने आती है तो संबंधित लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

वहीं भाजपा नेताओं ने आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई हिंसा और अराजकता फैलाता है तो उसे छात्र नहीं कहा जा सकता। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

तापस राय ने कहा कि देश में 63 बार नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ है लेकिन किसी ने कभी रिजाइन नहीं किया लेकिन यह भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनता के प्रति समर्पण है कि जैसे ही आरोप लगा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रिजाइन कर दिया।

देवजीत सरकार ने कहा कि बंगाल में अब राष्ट्रवादी सरकार है। देश विरोधी लोग अपनी आदत से बाज आ जाएं, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गंगा