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पश्चिम बंगाल में भाजपा का व्यापक कार्यकर्ता प्रशिक्षण अभियान, पांच सप्ताह में 1313 मंडलों में होंगे शिविर

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पश्चिम बंगाल में भाजपा का व्यापक कार्यकर्ता प्रशिक्षण अभियान, पांच सप्ताह में 1313 मंडलों में होंगे शिविर


कोलकाता, 25 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब संगठन के विस्तार के साथ-साथ सक्षम और दक्ष कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने पर जोर देना शुरू किया है। इसी उद्देश्य से पार्टी ने देशभर में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्यकर्ता प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ शुरू किया है। राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह अभियान तेज किया गया है।

राज्य और जिला स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे होने के बाद गुरुवार से मंडल स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग शुरू हो रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि अगले पांच सप्ताह में राज्य के 1344 मंडलों में से 1313 मंडलों में 24 घंटे का प्रशिक्षण वर्ग पूरा किया जाए।

भाजपा के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश को इस प्रशिक्षण महाअभियान का संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्गों की तर्ज पर तैयार की है। मंडल स्तर का प्रत्येक प्रशिक्षण वर्ग 24 घंटे का होगा। प्रतिभागियों को शाम पांच बजे प्रशिक्षण स्थल पहुंचना होगा और अगले दिन शाम पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होगा। इस दौरान सभी प्रतिभागियों के लिए रात्रि विश्राम अनिवार्य रहेगा।

प्रशिक्षण वर्ग में बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रमुख, मंडल कार्यकारिणी सदस्य, मंडल मोर्चा अध्यक्ष और महासचिवों के साथ ही संबंधित मंडल के निवासी जिला तथा राज्य स्तर के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षण शिविर में बुलाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि 24 घंटे तक एक साथ रहने, भोजन करने और समान व्यवस्था में भाग लेने से कार्यकर्ताओं के भीतर संगठनात्मक भावना मजबूत होगी।

राज्य स्तर के प्रशिक्षण वर्ग तीन दिन, जिला स्तर के कार्यक्रम दो दिन और मंडल स्तर के कार्यक्रम एक दिन के रखे गए हैं। आगे बूथ स्तर पर भी इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनकी अवधि चार घंटे होगी।

प्रशिक्षण अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, नीतियों, आचरण, जनसंपर्क के तरीके, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भूमिका तथा नियमित संगठनात्मक कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी जाएगी। पार्टी ने प्रशिक्षण को केवल भाषण आधारित कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा है। प्रत्येक सत्र एक घंटे का होगा, जिसमें पहले 40 मिनट विषय प्रस्तुति और अगले 20 मिनट कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब के लिए निर्धारित किए गए हैं।

मंडल स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए जिलों में 70 सदस्यीय दल बनाए गए हैं। इन वक्ताओं का प्रशिक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है, हालांकि कुछ जिलों में बुधवार और गुरुवार को भी वक्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलने की जानकारी मिली है।

इस अभियान के माध्यम से भाजपा राज्य में अपनी कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी ला रही है। प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन के लिए पार्टी कोष से सीधे धनराशि नहीं भेजी जाएगी। निर्देशिका में स्थानीय समाज से आर्थिक अथवा वस्तुगत स्वैच्छिक सहयोग लेने की बात कही गई है। प्रत्येक प्रतिभागी को शिविर में शामिल होने के लिए 100 रुपये का शुल्क देना होगा।

मंडल स्तर के प्रत्येक शिविर में 100 से 150 कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। उनके भोजन, आवास, मंच सज्जा, स्थानीय सांस्कृतिक परिवेश के अनुरूप प्रशिक्षण स्थल की व्यवस्था, बैग, डायरी, कलम और अंगवस्त्र जैसी सामग्री की जिम्मेदारी संबंधित मंडल की होगी। पार्टी की ओर से तकनीकी सहयोग और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

भाजपा के भीतर यह धारणा रही है कि पहले अधिकांश स्थानीय कार्यक्रमों का खर्च केंद्रीय या राज्य नेतृत्व से मिलने के कारण निचले स्तर के कार्यकर्ताओं में स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की आदत कमजोर हुई। पार्टी का मानना है कि स्थानीय सहयोग से कार्यक्रम आयोजित करने से जनसंपर्क भी मजबूत होगा और संगठन आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।

भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने कहा कि प्रतिकूल समय में संगठन को पर्याप्त आर्थिक सहायता मिली थी, लेकिन अब परिस्थितियां अनुकूल हैं और पार्टी को इस मामले में स्वावलंबी बनना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर