बांसबेड़िया में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट का आरोप, चूंचुड़ा विधायक की मौजूदगी को लेकर विवाद
हुगली, 24 सितंबर (हि. स.)। जिले के बांसबेड़िया में गुरुवार को भाजपा के अंदरूनी विवाद का मामला सामने आया है। एक धार्मिक कार्यक्रम में चूंचुड़ा के विधायक सुबीर नाग की मौजूदगी को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट का आरोप लगा है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, सप्तग्राम विधानसभा क्षेत्र के बांसबेड़िया स्टेशन रोड पर एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें चूंचुड़ा के विधायक सुबीर नाग भी आमंत्रित थे। विधायक के कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद मोगरा की दो ग्राम पंचायतों के भाजपा सदस्य और हुगली जिला किसान मोर्चा के सचिव श्रीकांत भट्टाचार्य समेत कुछ भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे थे।
आरोप है कि सुबीर नाग के कार्यक्रम से निकलने के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रीकांत भट्टाचार्य और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को घेर लिया। इस दौरान दूसरे विधानसभा क्षेत्र के विधायक से मिलने के सवाल पर उनके साथ मारपीट की गई।
श्रीकांत भट्टाचार्य ने दावा किया कि वह करीब 15 वर्षों से भाजपा से जुड़े हैं और उन्हें अपने ही पार्टी के लोगों के हाथों इस तरह मारपीट का सामना करना पड़ेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि शारीरिक चोट से ज्यादा उन्हें मानसिक चोट पहुंची है।
इस बीच बांसबेड़िया स्थित भाजपा के पार्टी कार्यालय में भी कथित गुटीय विवाद सामने आया। आरोप है कि पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में ताला लगा दिया।
चूंचुड़ा के विधायक सुबीर नाग ने कहा कि उनके सामने कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि उन्हें धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था, इसलिए वह वहां गए थे। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में जा सकता है। दूसरे विधानसभा क्षेत्रों के विधायक भी विभिन्न कार्यों से चूंचुड़ा आते हैं। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर उनके और सप्तग्राम के विधायक के बीच कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई इस तरह की घटना में शामिल पाया जाता है तो पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
सप्तग्राम के विधायक स्वराज घोष ने कहा कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र का विधायक दूसरे विधानसभा क्षेत्र में जाता है तो संबंधित विधानसभा के विधायक को इसकी जानकारी देना उचित है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें सुबीर नाग के आने की जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसने किसे धक्का दिया या विवाद कैसे हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है और वह मामले की जानकारी लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता चला है कि कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ था, बल्कि आपस में कुछ कहासुनी हुई थी।
वहीं, जिन भाजपा नेता राणा मुखर्जी के नेतृत्व में मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है, उन्होंने कहा कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस की तरह व्यवहार कर रहे हैं और वे भाजपा की विचारधारा में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि पार्टी में गुटीय विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और वह पूरे मामले की जानकारी जिलाध्यक्ष को देंगे।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सप्तग्राम के पूर्व तृणमूल नेता देबब्रत विश्वास की चूंचुड़ा विधायक सुबीर नाग के साथ तस्वीर सामने आने के बाद उनके भाजपा में शामिल होने को लेकर भी चर्चा शुरू हुई थी। हालांकि, दोनों विधायक सार्वजनिक रूप से किसी तरह के आपसी विवाद से इनकार करते रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

