सिलीगुड़ी में भाजपा-तृणमूल आमने-सामने, चुनावी प्रचार के दौरान तीखी बहस
सिलीगुड़ी, 22 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे है, उत्तर बंगाल में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 44 के दशरथपल्ली इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा उम्मीदवार शिखा चटर्जी और तृणमूल कांग्रेस की पार्षद व बोरो चेयरमैन प्रीतिकणा विश्वास के बीच तीखी बहस हो गई। शुरुआत भले ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन बातचीत जल्द ही देशभक्ति, सीमा सुरक्षा और हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर गरमा गई।
प्रचार के दौरान शिखा चटर्जी ने कहा कि देश सबसे पहले है। बांग्लादेश सीमा से खतरा बना हुआ है। वहां कुछ जगहों पर जमात की जीत हुई है, जिससे देश में घुसपैठ और अत्याचार की आशंका है।
इस पर पलटवार करते हुए प्रीतिकणा विश्वास ने कहा कि सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। यह काम आपका है, लेकिन आप राज्य सरकार और ममता बनर्जी पर आरोप लगा रही है।
कांटेदार तार (फेंसिंग) को लेकर भी विवाद बढ़ गया।
भाजपा समर्थकों का आरोप था कि केंद्र सरकार फंड दे रही है, लेकिन राज्य सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा रही, जिससे काम अटका हुआ है। वहीं तृणमूल का कहना था कि सीमा सुरक्षा पूरी तरह केंद्र का विषय है।
बहस के दौरान हिंदुत्व और रोहिंग्या मुद्दा भी सामने आया। शिखा ने “देश बचाने की लड़ाई” की बात कही, तो प्रीतिकणा ने जवाब देते हुए कहा कि “हिंदुत्व के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।”
स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को “दो नेताओं के बीच जोरदार टक्कर” के रूप में देखा।
तृणमूल की ओर से दावा किया गया कि ममता बनर्जी, गौतम देव और रंजन शीलशर्मा भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। वहीं भाजपा उम्मीदवार शिखा चटर्जी ने इसे “देश को बचाने की लड़ाई” बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

