पश्चिम बंगाल के सबसे कम उम्र के युवा मंत्री बने बिराज विश्वास, दारिभिट आंदोलन से मिली अधिक पहचान
उत्तर दिनाजपुर, 01 जून (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली डबल इंजन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर दिनाजपुर के करणदिघी से विधायक बिराज विश्वास की हो रही है। महज 32 वर्ष की उम्र में उन्होंने राज्य के सबसे युवा मंत्री के रूप में शपथ लेकर नया रिकॉर्ड कायम किया है।
सोमवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के 35 नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले बिराज विश्वास का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़कर राजनीति में कदम रखा और बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में शामिल हुए। संगठन में उन्होंने प्रदेश सचिव और बाद में राष्ट्रीय सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। उनकी संगठनात्मक क्षमता ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
बिराज विश्वास को सबसे अधिक पहचान दारिभिट आंदोलन के दौरान मिली। सरकार विरोधी उस आंदोलन में वे अग्रिम पंक्ति के नेताओं में शामिल थे और आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
2026 के विधानसभा चुनाव में करणदिघी सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे बिराज विश्वास ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी गौतम पाल को लगभग 20 हजार वोटों से हराकर विधानसभा में प्रवेश किया। यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता मानी जा रही है, बल्कि उत्तर बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत का भी संकेत है।
मंत्री बनने की खबर मिलते ही करणदिघी और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि युवा मंत्री के रूप में बिराज विश्वास क्षेत्र के लंबे समय से लंबित बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

