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भूस्खलन से पर्यटन स्थल को क्षती, पर्यटन ठप एवं 150 से अधिक दुकानें बंद

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भूस्खलन से पर्यटन स्थल को क्षती, पर्यटन ठप एवं 150 से अधिक दुकानें बंद


कालिम्पोंग, 05 जुलाई (हि. स.)। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कालिम्पोंग जिले का लोकप्रिय पर्यटन स्थल बिंदु को पिछले लगभग एक महीने से काफी क्षति हुई है। बिंदु से पहले गोपाल ब्रिज के पास पहाड़ धंसने से चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। कई बार मलबा हटाने की कोशिश की गई, लेकिन लगातार बारिश के कारण बार-बार भूस्खलन होने से स्थिति संभालना मुश्किल हो रहा है।

पर्यटकों की कमी से इलाके की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्यटन पर निर्भर करीब 150 दुकानों को बंद करना पड़ा है। आमतौर पर डुआर्स घूमने आने वाले पर्यटक बिंदु जाते हैं, जहां जलढाका जलविद्युत परियोजना, जलढाका बैराज और नदी की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए प्रतिदिन 400 से अधिक लोग पहुंचते थे। पर्यटन सीजन में यह संख्या और बढ़ जाती थी, लेकिन फिलहाल पूरा इलाका सुनसान पड़ा है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पुराने लोहे के पुल की जगह नया पुल बनाने के लिए पहाड़ काटने के कारण ही यह भूस्खलन शुरू हुआ। मई के अंत में पहली बार धंसाव हुआ था, जिसके बाद से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बारिश के चलते भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र तेजी से बढ़ा है, जिससे केंद्रीय सरकारी इंजीनियरिंग एजेंसी जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (ग्रेफ) को भी काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यवसायी अखिलेश गोस्वामी ने कहा कि पहले कभी बिंदु आने वाले रास्ते पर भूस्खलन नहीं हुआ था। पुल निर्माण के लिए पहाड़ काटने के बाद ही यह समस्या शुरू हुई। चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद होने से पर्यटक आना बंद हो गए हैं।

वहीं, व्यवसायी मीरा गुरूंग ने कहा कि जब से गाड़ियों का आना-जाना बंद हुआ है, पूरा इलाका खाली हो गया है। मजबूरी में हमें दुकानें बंद रखनी पड़ रही हैं। अगर यही स्थिति रही तो हमारी हालत और खराब हो जाएगी।

भूस्खलन को लेकर स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।

निवासी गोपाल छेत्री ने बताया कि बाइक से आने-जाने में भी खतरा बना हुआ है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

एक वरिष्ठ इंजीनियर ने बताया कि नया पुल निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण भूस्खलन का दायरा बढ़ा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। अगले कुछ दिनों में निगरानी के साथ चार पहिया वाहनों की आवाजाही शुरू करने की कोशिश की जाएगी।

भूस्खलन रोकने के लिए लगभग 150 फीट चौड़ी और 30 फीट ऊंची कंक्रीट दीवार बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, पूरी तरह स्थिति सामान्य होने और यातायात बहाल होने में अभी करीब ढाई महीने का समय लग सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार