शहरियार मल्लिक ने वाम, तृणमूल और भाजपा को घेरा
हुगली, 20 अप्रैल (हि. स.)। माकपा के पूर्व पंचायत प्रधान और वर्तमान में आम जनता उन्नयन पार्टी के वरिष्ठ नेता शहरियार मल्लिक ने सोमवार को वाम दलों, तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर एक साथ तीखा हमला बोला। उन्होंने सिंगुर मामले को लेकर एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में पंचघोड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान रहते हुए उन्होंने टाटा परियोजना के लिए वैकल्पिक जमीन की व्यवस्था की थी।
मल्लिक के अनुसार, टाटा की प्रस्तावित फैक्ट्री स्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर करीब तीन हजार बीघा बंजर जमीन उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें टाटा के कुछ अधिकारी भी शामिल थे। लेकिन तत्कालीन माकपा नेतृत्व ने उस जमीन को नजरअंदाज कर उपजाऊ चार फसली जमीन टाटा को दे दी, जहां फैक्ट्री निर्माण शुरू हुआ। बाद में उच्चतम न्यायालय के फैसले के चलते टाटा को सिंगुर से हटना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा के प्रति जन आक्रोश के कारण ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस का उदय हुआ, लेकिन बाद में माकपा से जुड़े ही तत्व तृणमूल में शामिल होकर उसे संचालित करने लगे। मल्लिक ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पर “भत्ते की राजनीति” करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। मल्लिक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए कुछ ठोस नहीं किया है। मल्लिक ने आरोप लगाया कि इमामों को राजनीतिक रूप से प्रभावित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बंगाल की भाजपा की जनता धर्म की राजनीति और वर्तमान शासन से त्रस्त हो चुकी है और अब बेहतर शासन चाहती है। मल्लिक ने दावा किया कि आम जनता उन्नयन पार्टी एक विकल्प के रूप में उभर रही है और आगामी चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों को जनता का समर्थन मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

