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चुनाव 26 : भवानीपुर के रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति पर विवाद, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत

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चुनाव 26 : भवानीपुर के रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति पर विवाद, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत


कोलकाता, 25 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे बदलावों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में नए रिटर्निंग अधिकारी के रूप में सुरजीत राय की नियुक्ति को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि सुरजीत राय विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी हैं।

चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया है कि 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। इसके बाद से ही राज्य प्रशासन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की रात ही राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटा दिया गया था। इसके अलावा हाल ही में आयोग ने 73 रिटर्निंग अधिकारियों को भी बदलने का निर्देश दिया था और उनके स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई।

इसी क्रम में कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को भी बदला गया। उल्लेखनीय है कि इस सीट से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंबे समय से चुनाव लड़ती रही हैं और इस बार भी वह तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। इस कारण इस पद पर बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार भवानीपुर में सुरजीत राय को नया रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि वह शुभेंदु अधिकारी के करीबी हैं और उनके प्रभाव में काम कर सकते हैं। पार्टी ने इस नियुक्ति की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।

उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम विधानसभा सीट के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में इस नियुक्ति को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।

राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और प्रत्येक सीट पर एक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया जाता है। नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतदान संबंधी प्रारंभिक प्रशासनिक जिम्मेदारियां इन्हीं अधिकारियों के पास होती हैं। बदले गए 73 रिटर्निंग अधिकारियों में अधिकांश महकमा अधिकारी (एसडीओ) स्तर के बताए जा रहे हैं।

फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर