home page

भवानीपुर से ही मेरे जीवन की शुरुआत, यही मेरा सब कुछ है : ममता बनर्जी

 | 
भवानीपुर से ही मेरे जीवन की शुरुआत, यही मेरा सब कुछ है : ममता बनर्जी


कोलकाता, 08 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया और कहा कि उनके जीवन की शुरुआत इसी क्षेत्र से हुई है।

नामांकन से पहले ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से अलीपुर सर्वे भवन तक एक रोड शो किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस तथा ममता बनर्जी के समर्थन में नारे लगाए।

मुख्यमंत्री ने लगभग 800 मीटर पैदल चलकर नामांकन केंद्र तक पहुंचीं। इस दौरान वह हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन करती रहीं। नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा जन्म और पालन-पोषण भवानीपुर में ही हुआ है। मेरे जीवन की हर शुरुआत यहीं से हुई है।

उन्होंने केवल भवानीपुर ही नहीं बल्कि राज्य की सभी 294 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा, मैं राज्य की जनता से अपील करती हूं कि वे हमारे प्रत्याशियों को विजयी बनाएं। इस बार हम और बड़े जनादेश के साथ जीत हासिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर फिर न्यायालय का रुख करेगी। कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने से मैं दुखी हूं। मतदाता सूची को स्थिर करने का कारण समझ से परे है। हम इसके खिलाफ फिर न्यायालय जाएंगे।

भवानीपुर से तीन बार विधायक रह चुकी ममता बनर्जी का मुकाबला इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी से माना जा रहा है।

नामांकन के दौरान कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम की पत्नी रूबी हकीम, वार्ड 71 के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बबलू सिंह, भवानीपुर शिक्षा सोसाइटी के मिराज शाह सहित परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी के नामांकन और रोड शो को भवानीपुर की सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। पार्टी के अनुसार, इस क्षेत्र में गुजराती व्यापारी, बंगाली परिवार, पंजाबी समुदाय तथा मुस्लिम समाज लंबे समय से साथ रहते आए हैं, जिससे यह क्षेत्र राज्य की समावेशी संस्कृति का उदाहरण बनता है।

294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर