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कुल्टी : बृहद हिंदू सम्मेलन में कार्तिक महाराज ने भरी हुंकार

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कुल्टी : बृहद हिंदू सम्मेलन में कार्तिक महाराज ने भरी हुंकार


आसनसोल (पश्चिम बर्दवान), 21 जनवरी (हि.स.)। कुल्टी विधानसभा के नियामतपुर में इस्को रोड साहिब बंगला मैदान में बुधवार को कुल्टी सनातन जागरण सम्मेलन समिति की ओर से एक बड़ा हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। जहां कार्तिक महाराज (भारत सेवाश्रम) मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद थे। साथ ही हिंदू जागरण के सुमन कुमार और कई अन्य लोग भी मौजूद थे।

इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता और खास मेहमान ने हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की। भारत सेवाश्रम के कार्तिक महाराज ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की ऐसी स्थिति है, जहां दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा बंद करने की साजिश चल रही है। सनातन हिंदू धर्म के प्रत्येक क्षेत्र में बाधा उत्पन्न हो रही है। दुर्गा पूजा के लिए कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ रही है। पूजा मंडपों को बिजली के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है। पश्चिम बंगाल में नया मस्जिद बन सकता है लेकिन नया दुर्गा पूजा शुरू नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा कि संविधान के चौथे स्तंभ मीडिया पर भी हमला हो रहा है प्रशासनिक स्तर से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जिससे एक समूह काफ़ी उत्साहित हो रहा है। पश्चिम बंगाल में नाना भाषा, नाना मत, नाना परिधान. विविधता आई, कई सरकारे आई और गई। लेकिन वर्तमान में सत्तारूढ़ जैसी सरकार पश्चिम बंगाल कभी देखने को नहीं मिला। जिस दिन से पश्चिम बंगाल में इमाम भत्ता चालू हुआ है उसके बाद एक विशेष समुदाय खुद को दुधारू गाय मानने लगा है। एक निर्वाचित विधायक 70 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की बात कर रहे हैं और एक दूसरा भाग बंटवारा करने की बात कर रहा है। हम तो सन्यासी है प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की स्थिति में जाति, धर्म, वर्ण से ऊपर हो उठकर सेवा का कार्य करते हैं। हमारे सनातन धर्म पर हमला हो रहा है। इसलिए हम रास्ते पर उतरे हैं।

कार्तिक महाराज ने कहा कि हम स्वामी परमानंद स्वामी के शिष्य हैं। उन्होंने कहा था कि मैं हिंदू को हिंदू नाम से बुलाना चाहता हूं। भारतवर्ष फिर से जाग रहा है। भारतवर्ष का खोया गौरव लौट रहा है। जो लोग औरंगजेब और तैमूर लंग को याद कर रहे हैं, उनको बताना चाहते हैं कि उनका नामो निशान इतिहास के पन्नों में मिट चुका है। विध्वंस का निशान नहीं देखना है बल्कि सृजन की ओर देखना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा