भवानीपुर सीट पर प्रतिष्ठा की लड़ाई, ममता के बाद शुभेंदु अधिकारी भी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने निकले
कोलकाता, 29 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार सुबह शुरू होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मतदान के दिन सुबह ही कोलकाता की सड़कों पर एक असामान्य और हाई-वोल्टेज तस्वीर देखने को मिली।
दूसरे चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। इस हाई वोल्टेज मुकाबले के बीच दोनों ही नेता सुबह-सुबह सड़कों पर उतरकर सक्रिय नजर आए।
सुबह से ही भवानीपुर में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। केंद्रीय बलों की तैनाती और बूथों के बाहर सतर्कता से प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से एक रात पहले तृणमूल कांग्रेस के झंडे हटाए गए और इलाके में बाहरी लोगों की मौजूदगी बढ़ी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर दबाव और कार्रवाई का भी आरोप लगाया। यहां तक कि उन्होंने 70 नंबर वार्ड के पार्षद को नजरबंद किए जाने का दावा करते हुए कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं को उठाया जा रहा है, हम पूरी रात सो नहीं पाए।”
वहीं दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी भी सुबह से ही मैदान में सक्रिय दिखे। उन्होंने दिन की शुरुआत हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना से की और इसके बाद सीधे विभिन्न बूथों का दौरा शुरू किया। भवानीपुर के अलग-अलग इलाकों में जाकर उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और मतदान प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
दोनों शीर्ष नेताओं की सक्रियता ने भवानीपुर की लड़ाई को और भी रोचक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। 2021 के नंदीग्राम की तरह इस बार कोलकाता में भी राजनीतिक तनाव का माहौल दिखाई दे रहा है।
हालांकि, सिर्फ भवानीपुर ही नहीं, इस चरण में राज्य की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा नदिया जिलों में फैले इस चरण में 66 दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं। अनुभवी मंत्रियों से लेकर नए चेहरों तक, सभी के बीच मुकाबला बहुस्तरीय हो गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

