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‘बंगभूषण’ कलेंद्रनाथ मांडी भाजपा में शामिल

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‘बंगभूषण’ कलेंद्रनाथ मांडी भाजपा में शामिल


कोलकाता, 26 मार्च (हि.स.)।

डायन कुप्रथा के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष करने वाले संथाल लेखक और साहित्यकार कलेंद्रनाथ मांडी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। राज्य भाजपा के साल्टलेक स्थित कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पुरुलिया के सांसद तथा प्रदेश भाजपा महासचिव ज्योतिर्मय सिंह महतो की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

उल्लेखनीय है कि कलेंद्रनाथ मांडी वर्ष 2023 के पंचायत चुनाव में पुरुलिया जिले के बांदवान ब्लॉक की एक सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जिला परिषद सदस्य चुने गए थे। हाल ही में उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों ‘बंगभूषण’ सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

संथाली साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षरों में गिने जाने वाले कलेंद्रनाथ मांडी ने वर्ष 1981 में साहित्य लेखन की शुरुआत की थी। अब तक उनकी कुल दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी चर्चित कृति ‘आरसी’ डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ लिखी गई है। वह लंबे समय से अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर डायन उत्पीड़न विरोधी जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसके साथ ही संथाली भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

इस दौरान सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि राज्य में तृणमूल शासन के दौरान आदिवासी समाज विकास और अधिकारों से वंचित रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति राज्य सरकार का रवैया अपमानजनक रहा है, जिससे आदिवासी समाज में असंतोष है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

उधर, भाजपा ने बुधवार को 19 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है और अब तक कुल 275 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पुरुलिया जिले की नौ विधानसभा सीटों में से केवल जयपुर सीट पर अभी तक भाजपा ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कलेंद्रनाथ मांडी के भाजपा में शामिल होने से जंगलमहल क्षेत्र की राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता