तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी
कोलकाता, 24 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में सोमवार को भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। झाड़ग्राम और पुरुलिया में एक-दो स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
झाड़ग्राम और पुरुलिया में भारी बारिश की चेतावनी के साथ पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने तथा बिजली चमकने की संभावना है। दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
उत्तर बंगाल में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर सहित मालदह में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। सभी जिलों में एक-दो स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और बिजली चमकने की संभावना है।
अलीपुर मौसम केंद्र के अनुसार कोलकाता और आसपास के इलाकों में सोमवार को सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। एक-दो दौर में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कोलकाता में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग कि जानकारी अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल में वर्षा की गतिविधि बनी के आसार है।
24 अगस्त तक बंगाल की उत्तरी खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक झोंके आने की संभावना है। मछुआरों को इस अवधि में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

