बंगाल में मानसून का असर बरकरार, कई जिलों में बारिश के आसार
कोलकाता, 14 अगस्त (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना अवदाब अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, दक्षिण 24 परगना, पुरुलिया और पश्चिम बर्दवान में एक-दो स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। दक्षिण बंगाल के बाकी जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चल सकती है।
कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना में भी मौसम विभाग ने गरज के साथ बारिश और तेज हवा की संभावना जताई है। अलीपुर मौसम केंद्र के जिला-वार पूर्वानुमान में कोलकाता और हावड़ा समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर और मालदा समेत उत्तर बंगाल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में उत्तर बंगाल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त को भी दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में एक-दो स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं 16 अगस्त से बारिश की तीव्रता कुछ कम होकर कई स्थानों तक सीमित होने का अनुमान है।
अलीपुर मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिम बंगाल के ऊपर बने अवदाब के कारण फिलहाल बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 13 अगस्त की शाम जारी विशेष मौसम बुलेटिन में बताया गया था कि अवदाब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था और अगले 24 घंटे में गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना थी।
मछुआरों के लिए भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र में तेज हवा और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए तटीय क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों को मौसम के अनुरूप नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

