home page

मुकुल रॉय के निधन पर फिरहाद हाकिम का भाजपा पर आरोप

 | 
मुकुल रॉय के निधन पर फिरहाद हाकिम का भाजपा पर आरोप


कोलकाता, 23 फ़रवरी (हि.स.)। इस साल के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति के दिग्गज नेता मुकुल रॉय का निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद रविवार रात न्यूटाउन स्थित एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। मृत्यु के समय उनकी उम्र 71 वर्ष थी। अस्वस्थता के कारण लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बावजूद विशेषकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के संगठन विस्तार में उनका योगदान अहम माना जाता है।

फिरहाद हाकिम ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की स्थापना काल से जुड़े मुकुल रॉय बाद में राजनीतिक मोड़ लेते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और फिर दोबारा तृणमूल में लौट आए थे। हालांकि भाजपा के दबाव का असर उनके ऊपर बना रहा। उनके इसी राजनीतिक सफर को लेकर कोलकाता के मेयर तथा राज्य के मंत्री फिरहाद हाकिम ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की मानसिक प्रताड़ना ने मुकुल रॉय को अंदर से तोड़ दिया और उन्हें मौत की ओर धकेला।

सोमवार सुबह उनके निधन की खबर फैलते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रीय राजनीति में भी पहचान रखने वाले इस वरिष्ठ नेता को पार्टी की सोच से ऊपर उठकर नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। कोई सोशल मीडिया के माध्यम से, तो कोई शोक संदेश भेजकर तथा कई नेता व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करते दिखे।

न्यूटाउन स्थित अस्पताल से सोमवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर विधानसभा लाया गया, जहां मंत्रियों और विधायकों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान फिरहाद हाकिम ने आरोप लगाया कि 2017 में भाजपा में शामिल होने के पीछे मुकुल रॉय पर दबाव बनाया गया था और उसके बाद भी उन पर मानसिक दबाव बना रहा। उन्होंने कहा कि मुकुल दा जैसे लोगों को डर दिखाकर दबाव में रखा गया, वही उनकी भीतरी लड़ाई का कारण बना।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता