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बंगाल में विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रही डबल इंजन सरकार : शुभेंदु अधिकारी

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बंगाल में विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रही डबल इंजन सरकार : शुभेंदु अधिकारी


कोलकाता, 17 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को श्याम स्टील के नए संयंत्र के शिलान्यास कार्यक्रम में राज्य में औद्योगिक विकास के नए दौर का दावा करते हुए कहा कि बंगाल अब आर्थिक प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है और आने वाले समय में राज्य में उद्योगों की गिनती शुरू होगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक औद्योगिक पिछड़ेपन और निवेशकों के पलायन का दंश झेलने वाले बंगाल में अब दोहरे इंजन की सरकार के माध्यम से विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाम शासन के दौरान एक के बाद एक कारखानों में ताले लगे, बड़ी संख्या में श्रमिक बेरोजगार हुए, आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ीं और रोजगार की तलाश में लोगों को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ा। उनके अनुसार, पिछले कई दशकों में राज्य आर्थिक आपदा का सामना करता रहा और निवेशकों तथा उद्योगपतियों ने बंगाल से दूरी बना ली थी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब सिंडिकेट संस्कृति, कटमनी और अवैध वसूली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रकार की किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति का केंद्र केवल निवेश की राशि नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार होंगे। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन योजनाओं का निर्धारण इस आधार पर किया जाएगा कि राज्य के कितने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बंगाल में अब व्यवसाय स्थापित करने के लिए अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार स्वयं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में विभिन्न स्तरों पर उद्योगपतियों को अतिरिक्त भुगतान और दबाव का सामना करना पड़ता था, किंतु अब ऐसी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान अक्षुण्ण रहेगी और औद्योगिक विकास के साथ-साथ राज्य की परंपरा एवं सामाजिक संरचना को भी सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यदि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन नहीं होता तो संभावित निवेश अन्य राज्यों, विशेषकर ओडिशा, की ओर चला जाता।

उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार के गठन के बाद अल्प अवधि में ही बड़े पैमाने पर निवेश प्राप्त हुआ है तथा अनेक औद्योगिक समूहों ने राज्य में निवेश की इच्छा व्यक्त की है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें नए औद्योगिक संयंत्रों का दौरा कर राज्य में हो रहे परिवर्तनों को स्वयं देखना चाहिए।

सिंगूर और नंदीग्राम की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में औद्योगीकरण के नाम पर किसी को भी जबरन विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण अथवा औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े सभी निर्णय आपसी चर्चा, सहमति और निर्धारित मुआवजे की प्रक्रिया के आधार पर ही लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल पुनः औद्योगिक मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगा और राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता