home page

पश्चिम बंगाल में निवेश और रोजगार बढ़ने की संभावना पर भाजपा आशावान

 | 
पश्चिम बंगाल में निवेश और रोजगार बढ़ने की संभावना पर भाजपा आशावान


कोलकाता, 13 जुलाई (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के राज्य मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों की नीतियों के कारण राज्य में उद्योग, निवेश और रोजगार की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार पश्चिम बंगाल को पुनः देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कोलकाता में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में देबजीत सरकार ने कहा कि पिछले लगभग 49 वर्षों में राज्य में ऐसी राजनीतिक संस्कृति विकसित हुई, जिसने उद्योगपतियों के बीच पश्चिम बंगाल की छवि को निवेश के लिए प्रतिकूल बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वाममोर्चा शासनकाल में बड़ी संख्या में कल-कारखाने बंद हुए और श्रमिक आंदोलनों के नाम पर उद्योगों का वातावरण नष्ट किया गया।

उन्होंने कहा कि एक समय हावड़ा और अविभाजित 24 परगना का विस्तृत क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता था, किन्तु बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप और उद्योग विरोधी नीतियों के कारण वहां के अनेक उद्योग बंद हो गए। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार से वंचित होना पड़ा।

देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में भी उद्योगों के स्थान पर तुष्टीकरण, तुषारोपण, कटमनी, सिंडिकेट और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि राज्य से टाटा परियोजना के बाहर जाने के बाद पश्चिम बंगाल की औद्योगिक छवि को और क्षति पहुंची तथा बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करना पड़ा।

भाजपा नेता ने दावा किया कि वर्तमान राज्य सरकार उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री तापस राय सहित विभिन्न विभाग राज्य में नए निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय हैं।

उन्होंने बताया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने महाराष्ट्र सहित विभिन्न स्थानों पर उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से बैठक कर पश्चिम बंगाल में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की है।

उन्होंने दावा किया कि देश और विदेश के अनेक बड़े औद्योगिक समूहों ने राज्य में निवेश में रुचि दिखाई है। देबजीत सरकार के अनुसार, दुर्गापुर-पानागढ़ क्षेत्र में मित्सुबिशी कंपनी की औटोमैटिक वाहन निर्माण इकाई, बांकुड़ा के मेजिया में श्याम स्टील की बड़ी निवेश योजना, डानकुनी में लक्स इंडस्ट्रीज की परिधान परियोजना, पानागढ़ में बर्जर पेंट्स तथा हावड़ा के सांकराइल खाद्य उद्यान में अमूल के प्रस्तावित निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है।

उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एकल खिड़की सेवा प्रणाली आरंभ की है, जिससे उद्योगपतियों को विभिन्न प्रशासनिक अनुमतियां शीघ्रता से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

विधि-व्यवस्था की स्थिति पर देबजीत सरकार ने कहा कि राज्य में अब 'शासक का कानून' नहीं, बल्कि 'विधि का शासन' स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने के आधार पर किसी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा तथा जबरन वसूली, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

अवैध संस्थानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी अवैध विद्यालय, चिकित्सालय, कारखाने अथवा मदरसे को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा वैधता के प्रश्न पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

देबजीत सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को राज्य में औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और विधि के शासन को सुदृढ़ करने के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आगामी एक वर्ष में पश्चिम बंगाल के लोग विकास और औद्योगिक प्रगति के नए चरण के साक्षी बनेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता