पश्चिम बंगाल बजट पर विधानसभा में सत्ता और विपक्ष ने रखे विचार
कोलकाता, 24 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को राज्य बजट पर चर्चा के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के विधायकों ने बजट को लेकर अपने-अपने विचार रखे। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस विधायक समीर जना ने सरकार की कल्याणकारी और आधारभूत संरचना संबंधी पहलों का स्वागत करते हुए कुछ परियोजनाओं के लिए बजटीय आवंटन को अपर्याप्त बताया।
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा सदन में मध्यम अवधि वित्तीय नीति वक्तव्य और वित्तीय रणनीति वक्तव्य पेश किए जाने के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई।
पाथरप्रतिमा से विधायक समीर जना ने कहा कि 22 जून को पेश किए गए बजट में घोषित कई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिक वित्तीय आवंटन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लगभग पांच दशक बाद राज्य और केंद्र में एक ही दल की सरकार होने के कारण जनता की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया गया है। समीर जना ने कहा कि सरकार ने सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए वादों के अनुरूप धन का प्रावधान किया है और यह एक समावेशी बजट है।
उन्होंने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत वृद्धि के निर्णय का भी स्वागत किया। साथ ही उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बजट में प्रस्तावित आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।
समीर जना ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए ऋण-उत्पादन अनुपात कम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन से जुड़े प्रस्तावों के सफल क्रियान्वयन पर राज्य का भविष्य निर्भर करेगा।
चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हिरण्मय चटर्जी ने कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक पुनर्बहाली का रोडमैप है।
श्यामपुर से विधायक हिरण्मय चटर्जी ने कहा कि यह बजट राज्य के पुनरुद्धार, औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन और समग्र विकास का खाका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ और कभी ‘पूर्व का शेफील्ड’ कहे जाने वाले हावड़ा के साथ-साथ हल्दिया, दुर्गापुर और खड़गपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय तक गिरावट देखी गई।
भाजपा के विधायक प्रसून बनर्जी ने कहा कि बजट में राज्य के विकास को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
चांचल विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रसून बनर्जी ने कहा कि चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए बजट में समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है और यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों में सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने की पहल की भी सराहना की।
तृणमूल कांग्रेस के खड़गपुर ग्रामीण से विधायक दिनेन रॉय ने राज्य की पहली भाजपा सरकार द्वारा उत्तर बंगाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य चिकित्सा व शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने की घोषणा की प्रशंसा की।
दिनेन रॉय ने कहा कि आबादी का बड़ा हिस्सा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है और कई वर्षों बाद सरकार ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संस्थानों से केवल उत्तर बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लोगों को लाभ मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

