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बेलपहाड़ी ग्रामीण अस्पताल को मिलेगा सुपर स्पेशियलिटी का दर्जा

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बेलपहाड़ी ग्रामीण अस्पताल को मिलेगा सुपर स्पेशियलिटी का दर्जा


झाड़ग्राम, 09 मार्च (हि.स.)। झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बेलपहाड़ी रूरल हॉस्पिटल को जल्द ही सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, सीटी-स्कैन और सीसीयू जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

दरअसल अमलाशोल, कांकड़ाझोड़ और बांशपहाड़ी जैसे सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों के मरीजों को इलाज के लिए करीब 24 किलोमीटर दूर स्थित बेलपहाड़ी ग्रामीण अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। लंबे समय से स्थानीय लोग यहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की मांग करते आ रहे हैं। शनिवार को जिले के स्वास्थ्य ढांचे का निरीक्षण करने पहुंचे राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव ने भी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक संकेत दिए थे।

सोमवार सुबह अस्पताल प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि की कि आने वाले दिनों में अस्पताल के ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े और सुव्यवस्थित बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे इलाके के हजारों ग्रामीणों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2012 में इस अस्पताल को 30 बेड से बढ़ाकर 60 बेड किया गया था। वर्तमान में यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, जनरल मेडिसिन, दंत चिकित्सा, नेत्र रोग और एनेस्थीसिया समेत कुल 13 डॉक्टर कार्यरत हैं। अस्पताल में मलेरिया और डेंगू की जांच के साथ-साथ कई प्रकार की रक्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध है।

अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन तकनीशियन की कमी के कारण सप्ताह में केवल गुरुवार को ही सेवा मिलती है। उस दिन बीनपुर रूरल अस्पताल से तकनीशियन बुलाकर मरीजों का एक्स-रे किया जाता है।

इसी वर्ष 10 फरवरी को बेलपहाड़ी ग्रामीण अस्पताल में इलेक्टिव सिजेरियन ऑपरेशन और ब्लड स्टोरेज यूनिट की सेवा शुरू की गई है। फिलहाल एक एनेस्थेटिस्ट होने के कारण सीमित सर्जरी हो पा रही है, लेकिन भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने पर सभी प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा शुरू करने की योजना है।

अस्पताल में पुरुष, महिला, प्रसूति और शिशु विभाग समेत कुल सात वार्ड हैं। बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन औसतन 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। बेलपहाड़ी ब्लॉक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत ओदोलचुआ और शिलदा ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी आते हैं, जहां भर्ती कर इलाज की सुविधा है। इसके अलावा एरगोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल सामान्य चिकित्सा सेवा उपलब्ध है।

क्षेत्र के 56 उप-स्वास्थ्य केंद्र भी इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि बेलपहाड़ी में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनता है तो झाड़ग्राम और आसपास के दूरदराज इलाकों के लोगों को अपने घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता