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मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद वरुण विश्वास हत्याकांड की पुनर्जांच प्रारंभ

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मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद वरुण विश्वास हत्याकांड की पुनर्जांच प्रारंभ


कोलकाता, 09 जुलाई (हि. स.)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आश्वासन के बाद 'सुटिया फाइल्स' फिर से खुल गई है। वरुण विश्वास हत्याकांड की जांच नए सिरे से प्रारंभ हो गई है। बदमाशों की गोली से मारे गए विरोधी तेवर के शिक्षक वरुण विश्वास के घर गुरुवार को सीआईडी का दल पहुंचा। अधिकारियों ने उनकी बहन, भाई तथा अन्य परिजनों से बातचीत की। इस दौरान वरुण की बहन प्रमीला राय ने एक बार फिर राज्य के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को हत्या का मास्टरमाइंड बताते हुए आरोप लगाया कि उनके भाई की योजनाबद्ध तरीके से हत्या कराई गई थी।

उल्लेखनीय है कि पांच जुलाई 2012 को उत्तर 24 परगना के गोबरडांगा स्टेशन परिसर में वरुण विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कोलकाता के मित्र इंस्टीट्यूशन में शिक्षक थे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद वरुण विश्वास के परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।

परिजनों का आरोप है कि अब तक जांच के नाम पर केवल औपचारिकता हुई। उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर मामले की जांच कराने की भी मांग की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था। इसके बाद गुरुवार को सीआईडी का दल वरुण विश्वास के घर पहुंचा।

वरुण विश्वास की बहन प्रमीला राय ने कहा कि सीआईडी ने हमसे बात की है। हमने फिर से जांच की मांग की है। मेरा भाई रंगदारी और दुष्कर्म के विरुद्ध खड़ा हुआ था। वह रास्ते का कांटा बन गया था। ज्योतिप्रिय मल्लिक ने साजिश रचकर मेरे भाई की हत्या कराई। हमें न्याय चाहिए।

परिजनों का आरोप है कि ज्योतिप्रिय मल्लिक के नेतृत्व में 100 से 150 लोगों ने हमला कर वरुण विश्वास की हत्या की थी। इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक आरोपित की जेल में मृत्यु हो गई, जबकि अन्य आरोपित वर्तमान में जमानत पर हैं।

परिजनों का कहना है कि प्रभावशाली होने के कारण उस समय ज्योतिप्रिय मल्लिक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई और अन्य कई आरोपित भी बच निकले। जांच से असंतुष्ट परिजनों ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से नए सिरे से जांच कराने की मांग की। इसी क्रम में गुरुवार को सीआईडी का दल वरुण विश्वास के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता