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बारासात थाने में पेशी के बाद कुणाल घोष का काकली घोष दस्तीदार पर तीखा हमला, नारद स्टिंग को लेकर सीबीआई को पत्र लिखने की दी चेतावनी

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कोलकाता, 17 सितंबर (हि.स.)। तृणमूल से एनसीपीआई में शामिल हुई सांसद काकली घोष दस्तीदार की शिकायत पर उत्तर 24 परगना जिले के बारासात थाने में गुरुवार को पेश होने के बाद तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने उन पर और उनके परिवार पर कड़ा पलटवार किया। थाने से बाहर निकलकर उन्होंने बहुचर्चित नारद स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि कैमरे के सामने कथित तौर पर घूस लेने के बावजूद काकली घोष दस्तीदार अब तक जेल से बाहर क्यों हैं? उन्होंने ऐलान किया कि वे इस मामले में उनकी भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को पत्र लिखेंगे।

काकली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर खुद को और अपने परिवार को अपमानित तथा प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर बारासात थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने कुणाल घोष को सात दिनों के भीतर पेश होने का समन भेजा था। समन मिलने के अगले ही दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे वे दस्तावेजों के साथ थाने पहुंचे और जांच अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखा।

थाने से बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत में कुणाल घोष ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी के पोस्ट पर कौन क्या टिप्पणी कर रहा है, इसकी जिम्मेदारी उन पर नहीं डाली जा सकती और इस तरह की शिकायतों से सिर्फ पुलिस का समय बर्बाद हो रहा है। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी ने उनसे एक पोस्ट में इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर को लेकर सवाल किए, जिस पर उन्होंने साफ किया कि उस पोस्ट में किसी का नाम या पहचान दर्ज नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे एक लेखक और पत्रकार हैं तथा अक्सर अपनी रचनात्मक शैली में व्यंग्यात्मक बातें लिखते हैं, जिसमें किसी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया।

कुणाल घोष ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी तंत्र का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे एसएसकेएम अस्पताल से जुड़े मामलों की भी पड़ताल करेंगे कि क्या कुछ लोगों ने अपने निजी क्लीनिक और व्यावसायिक लाभ के लिए सरकारी स्वास्थ्य ढांचे का अनुचित इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश सिंह