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बांकुड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं का विधायकों के खिलाफ प्रदर्शन

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बांकुड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं का विधायकों के खिलाफ प्रदर्शन


बांकुड़ा, 16 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तिथि घोषित होते ही भाजपा के भीतर बड़े गुटबंदी के संकेत सामने आ गए हैं। पार्टी ने अभी तक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है, लेकिन बांकुड़ा जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। उनका उद्देश्य था कि शालतोड़ा और छातना विधानसभा के वर्तमान भाजपा विधायक पुनः उम्मीदवार न बनें।

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में बांकुड़ा के 12 सीटों में आठ सीटें जीती थीं। हालांकि, लोकसभा चुनाव में शालतोड़ा और छातना में तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद से ही इन दो विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ने लगा।

सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम को शालतोड़ा के विधायक चंदना बाउरी को फिर से उम्मीदवार न बनाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने शालतोड़ा बाजार में रैली निकाली और विधायक पर कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षा का आरोप लगाया। वहीं, सोमवार सुबह छातना में भी भाजपा विधायक सत्यनारायण मुखर्जी के खिलाफ पोस्टर लगाकर उन्हें उम्मीदवार न बनाने की मांग की गई।

सोमवार सुबह भाजपा जिला नेता सब्यसाची राय ने इस बगावत को तुच्छ और नाटक करार देते हुए कहा कि जो लोग रैली कर रहे हैं, वे तृणमूल समर्थक हैं, इसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं। वहीं, तृणमूल सांसद अरूप चक्रवर्ती ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायकों के खिलाफ जनता में असंतोष साफ दिखाई दे रहा है; यह केवल गुटबंदी का परिणाम है।

शालतोड़ा के बाग़ी नेता सौरभ बनर्जी ने कहा कि चंदना बाउरी अगर फिर से उम्मीदवार बनीं तो असंतोष फैल जाएगा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने में पूरी मेहनत की, लेकिन जीत के बाद वे हमारे साथ खड़ी नहीं रहीं। हमें यहां भाजपा की जीत के लिए नया उम्मीदवार चाहिए। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता