बांकुड़ा में सीजेपी सदस्य के घर पर हमले के बाद ममता ने दिया साथ का भरोसा
बांकुड़ा, 17 अगस्त (हि.स.)। बांकुड़ा के इंदास थाना क्षेत्र के करिशुंडा गांव में सीजेपी सदस्य अब्दुल हाफिज के घर कथित हमले के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार को फोन कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
आरोप है कि भाजपा समर्थित बदमाशों ने 14 अगस्त की रात अब्दुल के घर पर हमला किया। इस दौरान अब्दुल के साथ मारपीट की गई। बेटे को बचाने के लिए आगे आए उसके पिता शेख मोहम्मद माफिक के साथ भी मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल 51 वर्षीय माफिक की बाद में अस्पताल में मौत हो गई।
घटना के बाद मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। रविवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवान्न से बयान जारी कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अन्याय करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसी बीच सोमवार सुबह राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब्दुल हाफिज को फोन कर उससे बातचीत की। उन्होंने अब्दुल और उसके परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। बातचीत में ममता ने कहा कि वह हमेशा उनके साथ हैं और किसी भी परेशानी की स्थिति में उन्हें जानकारी देने को कहा।
अब्दुल हाफिज सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर वहां की बदहाल आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया था। आरोप है कि विद्यालय की स्थिति को लेकर सवाल उठाने के बाद ही उनके घर पर हमला किया गया। इससे पहले 27 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होने के बाद गांव लौटने पर अब्दुल को कथित तौर पर धमकियां भी मिल रही थीं।
अब्दुल ने बताया कि घटना के दौरान बदमाश उसका मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए। इस पर ममता ने मोबाइल फोन को लेकर अलग प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा। उन्होंने हमले, पिता की मौत और मोबाइल फोन गायब होने से संबंधित प्राथमिकी की प्रति तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल कर तीन-चार दिनों के भीतर कालीघाट आने का निर्देश दिया।
अब्दुल ने बातचीत में यह भी बताया कि बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक ने उसे फोन किया है और पुलिस के माध्यम से मोबाइल का आईएमईआई नंबर लिया गया है। मोबाइल की तलाश के लिए उसे खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोमवार को कालीघाट तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी अब्दुल के घर पहुंचा। ममता बनर्जी ने प्रतिनिधिमंडल को अब्दुल को राज्यसभा सांसद डोला सेन का फोन नंबर देने का निर्देश दिया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर डोला सेन से संपर्क करने को कहा। ममता के फोन और सहयोग के आश्वासन के बाद अब्दुल ने उनका आभार जताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

