बलरामपुर में अभिषेक बनर्जी का प्रहार : मौत पर राजनीति करती है भाजपा
पुरुलिया, 20 अप्रैल (हि. स.)। जिले के बलरामपुर में सोमवार को आयोजित एक जनसभा में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मौत और मृतदेह को लेकर राजनीति करती है।
अभिषेक बनर्जी ने 2018 के पंचायत चुनाव से पहले बलरामपुर में दो भाजपा कार्यकर्ताओं त्रिलोचन महतो और दुलाल कुमार की असामान्य मौत का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया था और इलाके का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2019 में चुनाव जीता और 2021 में भी बेहद कम अंतर से यहां सफलता हासिल की, लेकिन जिस तरह उन्होंने मौत पर राजनीति की, वह बेहद निंदनीय है।
अभिषेक ने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया था कि परिवार के एक सदस्य को केंद्र सरकार के किसी विभाग में नौकरी दी जाएगी, लेकिन आठ साल बाद भी वह वादा पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि जब पीड़ित परिवार भाजपा नेताओं या सांसदों से संपर्क करने की कोशिश करता है, तो फोन तक नहीं उठाया जाता।
सभा में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के स्थानीय उम्मीदवार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा ने जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, वह एक सांसद के पूर्व सहायक रहे हैं और उन पर “सिफारिश और लेन-देन” के जरिए टिकट पाने के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने रेलवे सेवाओं की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया। अभिषेक ने कहा कि हावड़ा–चक्रधरपुर एक्सप्रेस और पुरुलिया एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें अक्सर देर से चलती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है।
केंद्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कुड़मी समुदाय के कथित वंचन, कुड़माली भाषा को मान्यता न देने और आदिवासी परंपराओं पर असर डालने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
अंत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि तृणमूल में राम भी हैं और शांति भी। हमारे उम्मीदवार शांति राम महतो जनता की सेवा के लिए खड़े हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

