home page

बांकुड़ा में आशा कार्यकर्ता की मौत पर बवाल, आयुष्मान योजना के अतिरिक्त कार्यभार का आरोप

 | 

बांकुड़ा, 03 अगस्त (हि. स.)। जिले के अमरकानन ग्रामीण अस्पताल में सोमवार को एक आशा कार्यकर्ता की मौत के बाद भारी तनाव फैल गया। मृतक आशा कार्यकर्ता के सहकर्मियों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत अतिरिक्त काम के दबाव के कारण उनकी मौत हुई है। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने शालतोड़ा की भाजपा विधायक चंदना बाउड़ी से कथित अपमानजनक व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की।

इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने शव को रखकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

हाल ही में भाजपा विधायक चंदना बाउड़ी पर आशा कार्यकर्ताओं को फटकार लगाने का आरोप लगा था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर बांकुड़ा के जिलाधिकारी अनीश दासगुप्ता, उप-जिलाधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी श्यामल सोरेन, बड़जोड़ा के विधायक बिल्लेश्वर सिंह और शालतोड़ा की विधायक चंदना बाउड़ी अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

मिली जानकारी के अनुसार, गोपीनाथपुर क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता रुम्पा मंडल को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियों के साथ-साथ हाल ही में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का ई-केवाईसी कराने का अतिरिक्त कार्य भी सौंपा गया था।

सहकर्मियों का आरोप है कि इसी अतिरिक्त कार्यभार के कारण सोमवार सुबह वह अपने घर में हृदयाघात का शिकार हो गईं। उन्हें अमरकानन ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों आशा कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और शव वाहन को घेरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना के ई-केवाईसी कार्य से तत्काल मुक्त किया जाए। जब गंगाजलघाटी थाना पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने पहुंची तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज भेज दिया। शव भेजने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के सामने धरना देते हुए विधायक चंदना बाउरी से माफी की मांग दोहराई।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। विधायक चंदना बाउड़ी के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। बाद में अस्पताल परिसर में जमीन पर बैठकर दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंततः प्रशासनिक अधिकारियों और विधायकों को बिना किसी निष्कर्ष के लौटना पड़ा।

विधायक चंदना बाउरी ने कहा कि किसी भी आशा कार्यकर्ता की मृत्यु दुखद है और ऐसी घटना कोई नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि शनिवार को उनके क्षेत्र में एक आशा कार्यकर्ता आयुष्मान योजना के ई-केवाईसी के लिए लोगों को एक ही घर में बुला रही थीं, जिससे अमन धान की रोपाई के मौसम में ग्रामीणों को असुविधा हो रही थी। उनका कहना है कि उन्होंने केवल यह सुझाव दिया था कि लोगों की सुविधा के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर बैठकर ई-केवाईसी का कार्य किया जाए, लेकिन इसी बात को लेकर विवाद पैदा हो गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा