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कुर्बानी पर समझौता नहीं करेगा मुस्लिम समुदाय : हुमायूं कबीर

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कुर्बानी पर समझौता नहीं करेगा मुस्लिम समुदाय : हुमायूं कबीर


कोलकाता, 20 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर राजनीति तेज हो गई है। हुमायूं कबीर ने बुधवार को राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘कुर्बानी’ पर किसी भी प्रकार की रोक लगाने की कोशिश मुस्लिम समुदाय स्वीकार नहीं करेगा।

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजूप) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार द्वारा 13 मई को जारी ‘पशु वध दिशा-निर्देश’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून का सम्मान किया जाएगा, लेकिन इस्लामी परंपरा के अनुसार कुर्बानी अवश्य होगी। उन्होंने कहा कि कुरान में जिन पशुओं की कुर्बानी जायज बताई गई है, उनकी कुर्बानी दी जाएगी।

राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, बैल, सांड, गाय, बछड़ा, भैंस, भैंस के बच्चे और बधिया भैंसों के वध से पहले ‘फिट-फॉर-स्लॉटर’ प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर इन पशुओं के वध पर रोक लगाई गई है और निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के कार्य में बाधा न डालने का निर्देश दिया गया है।

कबीर ने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग बीफ का सेवन करते हैं। यदि सरकार इस पर रोक लगाना चाहती है, तो पहले उन सभी बूचड़खानों को बंद करना चाहिए जिन्हें गाय के वध का लाइसेंस दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी बीफ के आयात-निर्यात से कर के रूप में हजारों करोड़ रुपये कमाती है।

उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर “आग से खेलने” से बचना चाहिए। यदि कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश की गई तो इससे समस्याएं पैदा होंगी और मुस्लिम समुदाय किसी भी स्थिति में कुर्बानी से समझौता नहीं करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता