एसआईआर, ओबीसी आरक्षण और हाकरों के मुद्दे पर आसनसोल में संयुक्त विरोध प्रदर्शन
पश्चिम बर्दवान, 15 जुलाई (हि. स.)। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे, ट्रिब्यूनल के शीघ्र गठन, ओबीसी आरक्षण की बहाली, बुलडोजर राजनीति के विरोध तथा हाकरों की आजीविका की सुरक्षा सहित विभिन्न जनहित की मांगों को लेकर सोमवार को आसनसोल के कोर्ट मोड़ पर संयुक्त विरोध सभा आयोजित की गई। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी (एसडीओ) को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
यह कार्यक्रम आवाज, पश्चिम बंगाल सामाजिक न्याय मंच, आदिवासी अधिकार मंच तथा जनवादी लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोगों ने भाग लिया।
सभा की अध्यक्षता सामाजिक न्याय मंच के नेता नारायण बाउरी ने की। इस अवसर पर आवाज के पश्चिम बर्दवान जिला सचिव नोमान असफर खान, जिलाध्यक्ष प्रशांत घोष, सामाजिक न्याय मंच के सत्यनारायण बाउरी, आदिवासी अधिकार मंच के विनय हांसदा तथा जनवादी लेखक संघ के अरुण पांडे सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण कई लोगों के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों, बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक दुरुपयोग और हाकरों की आजीविका पर मंडरा रहे संकट को भी गंभीर चिंता का विषय बताया।
सभा में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की कई नीतियों और फैसलों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है तथा सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि एसआईआर से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए जल्द ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए, ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए, हाकरों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए और जनविरोधी नीतियों को वापस लिया जाए।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने तथा आम जनता के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

