आवास प्लस के संभावित लाभार्थियों से दिलीप घोष की अपील, 15 अगस्त तक सर्वेक्षण कराने का आग्रह
कोलकाता, 12 अगस्त (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद दिलीप घोष ने आवास प्लस योजना के संभावित लाभार्थियों से अपील की है कि जिन पात्र परिवारों के घर अब तक सर्वेक्षण नहीं हुआ है, वे तत्काल अपनी जानकारी उपलब्ध कराएं। घोष ने बुधवार को सामाजिक माध्यम पर एक पोस्ट के माध्यम से यह अपील की।
घोष ने कहा कि पिछले करीब ढाई महीने से गांव-गांव जाकर आवास प्लस के संभावित लाभार्थियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके बावजूद यदि किसी पात्र परिवार के घर अब तक सर्वेक्षण दल नहीं पहुंचा है तो उन्हें अब और विलंब नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को सर्वेक्षण का कार्य समाप्त होने वाला है।
उन्होंने संभावित लाभार्थियों से अगले 24 घंटे के भीतर अपना नाम, गांव का नाम, ग्राम पंचायत का नाम, प्रखंड का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए उन्होंने dilipghosh64@gmail.com ई-मेल पता जारी किया है। घोष ने कहा कि जिन लोगों के पास अपना स्मार्टफोन नहीं है, वे परिवार के किसी सदस्य अथवा आसपास के किसी व्यक्ति के मोबाइल से भी ई-मेल भेज सकते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि प्राप्त जानकारी के आधार पर आवश्यक कदम उठाकर संबंधित परिवार के घर सर्वेक्षण के लिए कर्मियों को भेजने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से विधायक, ग्राम पंचायत के प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि कोई भी पात्र परिवार सर्वेक्षण से बाहर न रह जाए।
घोष ने कहा कि इसके बावजूद यदि किसी क्षेत्र में कार्यकर्ता या सर्वेक्षण दल नहीं पहुंच पाए हैं तो संबंधित परिवारों के लिए यह स्वयं आगे आने का अंतिम अवसर है। उन्होंने आगाह किया कि 15 अगस्त के बाद सर्वेक्षण समाप्त होने पर अगला अवसर कब मिलेगा, यह निश्चित नहीं है। ऐसी स्थिति में पात्र होने के बावजूद अनेक परिवार लंबे समय तक योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के पंचायत एवं ग्रामोन्नयन विभाग की ओर से सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
दिलीप घोष ने लोगों से अपने आसपास के ऐसे परिवारों की भी सहायता करने की अपील की, जिनके घर अभी तक सर्वेक्षण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई पात्र परिवार सर्वेक्षण की प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

