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अधिग्रहीत जमीन को लेकर विवाद तेज, पुनः कब्जे की कोशिश

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अधिग्रहीत जमीन को लेकर विवाद तेज, पुनः कब्जे की कोशिश


सिलीगुड़ी,13 मई (हि.स.)। कावाखाली इलाके में जमीन वापसी को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार बदलने के बाद यहां अधिग्रहित जमीन पर फिर से कब्जा करने की कोशिश शुरू हो गई है।

कावाखाली में सैकड़ों स्थानीय निवासी वर्षों से जमीन वापस पाने की मांग कर रहे है। ये लोग निर्माणाधीन टाउनशिप के सामने वाली जमीन पर अस्थायी घर बनाकर प्रतीकात्मक आंदोलन कर रहे हैं।

इसी बीच, एक खाद्य प्रसंस्करण यूनिट के नाम पर जमीन पर बोर्ड लगा दिया गया है।

यूनिट के मालिक अमृत दास का दावा है कि उन्होंने जमीन अधिग्रहण के समय ही विरोध किया था और न तो जमीन देने के लिए तैयार थे, न ही पुनर्वास पैकेज लेना चाहते थे। उनका कहना है कि वे इसी जमीन पर उद्योग स्थापित करना चाहते थे, लेकिन जबरन जमीन ले ली गई।

अमृत दास के अनुसार, सरकार बदलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि उनकी जमीन वापस मिल सकती है, इसलिए उन्होंने फिर से अपने प्रोजेक्ट का बोर्ड लगाया है।

हालांकि, सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीर विक्रम राय ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वे इसकी जांच करेंगे।

गौरतलब है कि 2004-05 में एसजेडीए ने कावाखाली-पोड़ाझार इलाके में जमीन अधिग्रहण किया था, जिसका उस समय भी विरोध हुआ था। आज भी करीब 300 से ज्यादा लोग या तो जमीन देने के खिलाफ हैं या उन्हें उचित पुनर्वास नहीं मिला, जिसके चलते वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाल ही में विश्व बंगला शिल्पी हाट के पास इस जमीन पर बोर्ड लगाया गया है और वहां कुछ निर्माण के संकेत भी दिखाई दे रहे है।

वहीं, इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। एक तरफ कुछ लोग जमीन वापस देने की मांग कर रहे है, तो दूसरी ओर आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि इस तरह के किसी निजी प्रोजेक्ट की उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की बात कही गई है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार