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आरजी कर अस्पताल लिफ्ट हादसा प्रशासनिक विफलता का परिणाम : तृणमूल विधायक अतिन घोष

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आरजी कर अस्पताल लिफ्ट हादसा प्रशासनिक विफलता का परिणाम : तृणमूल विधायक अतिन घोष


कोलकाता, 20 मार्च (हि. स.)। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लिफ्ट में फंसकर 40 वर्षीय युवक की मौत के मामले में तृणमूल कांग्रेस विधायक अतिन घोष ने प्रशासनिक विफलता स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई।

अतिन घोष, जो अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य भी हैं, शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सोमवार को रोगी कल्याण समिति की आपात बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय प्रशासन की विफलता से इनकार नहीं किया जा सकता और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पर्याप्त नहीं है।

इस बीच कोलकाता पुलिस के उत्तर संभाग के उपायुक्त दिनेश कुमार भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। पुलिस ने फिलहाल अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अतिन घोष ने कहा कि जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, वे अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्होंने बताया कि लिफ्ट लोक निर्माण विभाग के अधीन आती है और यदि उसका रखरखाव सही ढंग से नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा कर्मी मौके पर मौजूद नहीं थे तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

रोगी कल्याण समिति की भूमिका पर उन्होंने कहा कि नई समिति की अभी केवल दो बैठकें हुई हैं और अस्पताल का निरीक्षण कर समस्याओं की पहचान की गई है। हालांकि समिति को दैनिक प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

उल्लेखनीय है कि 2024 में इसी अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर तैनात एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।

मृतक की पहचान अरूप बनर्जी के रूप में हुई है, जो दमदम के निवासी थे। वह अपने चार वर्षीय पुत्र के इलाज के लिए अस्पताल आए थे। बताया गया है कि लिफ्ट से पांचवीं मंजिल से नीचे आते समय तेज झटके के बाद लिफ्ट नीचे गिर गई और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुल सका।

परिजनों का आरोप है कि करीब डेढ़ से दो घंटे तक फंसे रहने के बाद उनकी मौत हो गई और मदद की गुहार के बावजूद समय पर सहायता नहीं मिली। घटना के बाद परिजनों और अन्य मरीजों के परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

बताया गया है कि मृतक की पत्नी और पुत्र का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर