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चुंचुड़ा में तृणमूल की गुटबाजी फिर उजागर, असित- रचना एक बार फिर आमने सामने

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चुंचुड़ा में तृणमूल की गुटबाजी फिर उजागर, असित- रचना एक बार फिर आमने सामने


हुगली, 03 मार्च (हि.स.)। हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस की गुटबाज़ी एक बार फिर सामने आ गई है। कुछ दिन पहले ही पार्टी के भीतर मतभेद सुलझने के संकेत मिले थे और सांसद-विधायक के साथ मिलकर चलने का संदेश भी दिया गया था, लेकिन चुनाव से पहले फिर से अंदरूनी संघर्ष ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा घटना में तृणमूल के ही कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा में एक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया।

रविवार को चुंचुड़ा के बड़ा बाजार इलाके में तृणमूल कार्यकर्ता विशाल मंडल पर हमला किया गया। घायल अवस्था में उन्हें चुंचुड़ा इमामबाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में भी उनके परिवार के सदस्यों पर हमला करने की कोशिश की गई। घटना की सूचना मिलने पर हुगली की सांसद रचना बनर्जी अस्पताल पहुंचीं और घायल कार्यकर्ता से मुलाकात की।

अस्पताल में रचना बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रहे गुटीय संघर्ष पर खुलकर नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि तृणमूल के कार्यकर्ता ही तृणमूल के कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं।

घायल विशाल मंडल का आरोप है कि कुछ महीने पहले तृणमूल विधायक असित मजूमदार के करीबी विजय कहार अपने समर्थकों के साथ उनके भाई पर चढ़ दौड़े थे, तभी से विवाद चल रहा था। विशाल के अनुसार, हाल ही में एक रिश्तेदार की मौत के बाद श्मशान में विजय कहार के लोगों से कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद घर लौटने पर उन पर लोहे की रॉड और ईंट से हमला किया गया। विशाल ने यह भी आरोप लगाया कि धारदार हथियार लेकर अस्पताल में भी उन्हें मारने की कोशिश की गई।

रचना बनर्जी ने कहा, “वह पार्टी का कार्यकर्ता है। उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया कि कान का पर्दा फट गया। हमलावर भी तृणमूल के ही लोग हैं। इस तरह के मामले आपसी बातचीत से सुलझाई जानी चाहिए थीं। हिंसा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। इस मामले में पुलिस और स्थानीय विधायक को हस्तक्षेप करना चाहिए।”

वहीं, विधायक असित मजूमदार ने मंगलवार को कहा कि सभी आरोपित पार्टी के ही कार्यकर्ता हैं और मामले की जानकारी लेकर दोनों पक्षों से बात की जाएगी। उन्होंने विजय कहार का बचाव करते हुए कहा कि वह लंबे समय से पार्टी का कार्यकर्ता है और किसी भी समाजविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं है। दूसरी ओर, विजय कहार ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस घटना में उनका नाम कैसे घसीटा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय