आशा कर्मियों का आंदोलन पुलिस ने रोका, भाजपा ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
आसनसोल, 21 जनवरी (हि. स.)।
विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आशा कर्मियों को पुलिस तथा जीआरपी द्वारा रोके जाने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि बुधवार सुबह स्वास्थ्य भवन जाने के लिए ट्रेन पकड़ने आसनसोल स्टेशन पहुंचीं आशा कर्मियों को पश्चिम बंगाल पुलिस और जीआरपी ने संयुक्त रूप से रोक दिया।
आंदोलनकारियों का दावा है कि इस दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न भी किया गया।
इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए आसनसोल जिला भारतीय जनता पार्टी की ओर से आंदोलनरत आशा कर्मियों को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की गई।
भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि आशा कर्मी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी जायज़ मांगों को दबाने के लिए राज्य सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि आम लोगों के लोकतांत्रिक आंदोलनों को डर और बल प्रयोग के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है।
आशा कर्मियों के समर्थन में खड़े रहने का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलनकारियों के सियालदह जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि पुलिस किसी भी प्रकार की बाधा या दमनात्मक कार्रवाई करती है तो उसका सीधा मुकाबला किया जाएगा।
इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

