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आंधी के बाद बिजली संकट पर फूटा गुस्सा, आसनसोल में जीटी रोड जाम

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आंधी के बाद बिजली संकट पर फूटा गुस्सा, आसनसोल में जीटी रोड जाम


आसनसोल, 30 अप्रैल (हि. स.)। आसनसोल में बुधवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान के बाद जनजीवन गुरुवार को भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। तूफान से गिरे पेड़ों, टूटे बिजली खंभों और क्षतिग्रस्त तारों के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। महिला कल्याण स्कूल के सामने जीटी रोड पर स्थानीय नागरिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी।

प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आक्रोश जताया, जिससे शहर की सबसे व्यस्त सड़क आसनसोल जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया। बसें, ट्रक, निजी वाहन और दोपहिया सड़क के दोनों ओर फंस गए, जिससे यात्रियों, छात्रों और ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बुधवार शाम आए तेज तूफान के दौरान महिला कल्याण स्कूल और बोतल मस्जिद के बीच एक बड़ा पेड़ बिजली के खम्भा पर गिर गया था। जिसकी वजह से बिजली लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इलाके की आपूर्ति बंद हो गई। सूचना देने के बावजूद देर तक बिजली विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। भीषण गर्मी के बीच करीब 24 घंटे तक बिजली नहीं रहने से हालात और खराब हो गए। कई परिवारों ने रात जागकर बिताई। बिजली नहीं होने से पानी की समस्या भी पैदा हो गई और लोगों को दूर से पानी लाना पड़ा।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तृणमूल नेता रबीउल इस्लाम ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। नागरिकों ने चेतावनी दी कि जब तक बिजली बहाल नहीं होगी, उनका विरोध जारी रहेगा।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से बातचीत कर जाम हटाने की कोशिश की। प्रशासन की ओर से जल्द मरम्मत का आश्वासन मिलने के बाद आंशिक रूप से यातायात बहाल किया गया।

उधर बिजली विभाग की टीम ने गिरे पेड़ को हटाने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम शुरू किया। देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार तूफान के बाद यही समस्या सामने आती है। कमजोर खंभे, पुराने तार और पेड़ों की समय पर छंटाई न होने से हालात बिगड़ते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से ठोस तैयारी की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा