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10 साल के संघर्ष के बाद आसनसोल की रेणुका बंसल बनीं एक्चुअरी, शहर का बढ़ाया मान

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10 साल के संघर्ष के बाद आसनसोल की रेणुका बंसल बनीं एक्चुअरी, शहर का बढ़ाया मान


पश्चिम बर्दवान, 13 जुलाई (हि. स.)। आसनसोल के नियामतपुर निवासी रेणुका बंसल ने 10 वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद दुनिया की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में गिनी जाने वाली एक्चुअरी (एलआईसी का विशेष पद) परीक्षा उत्तीर्ण कर शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने वर्ष 2016 में कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से बी. कॉम. की पढ़ाई के साथ इस परीक्षा की तैयारी शुरू की थी और वर्ष 2026 में सफलता हासिल की।

रेणुका ने बताया कि पढ़ाई के साथ नौकरी और कठिन परीक्षाओं की तैयारी करना आसान नहीं था। कई बार असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सबसे अधिक चुनौती अंतिम फेलोशिप पेपर में आई, जिसे पास करने में करीब दो वर्ष और चार प्रयास लगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और पूरे परिवार को दिया, जिन्होंने हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया।

वर्तमान में रेणुका डेलॉयट यूएसआई में एक अमेरिकी क्लाइंट के लिए मॉडलिंग डोमेन में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आगे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों के साथ अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती हैं।

उल्लेखनीय है कि एक्चुअरी बीमा कंपनियों में जोखिम का आकलन, प्रीमियम निर्धारण, ह्यूमन लाइफ वैल्यू और वित्तीय गणनाओं जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। भारत के अलावा यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में इस परीक्षा की तैयारी होती है और इसे विश्व की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में शामिल माना जाता है। रेणुका की यह उपलब्धि आसनसोल के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा