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बागबंदी कालीपहाड़ी की फैक्ट्री में करंट लगने से मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

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बागबंदी कालीपहाड़ी की फैक्ट्री में करंट लगने से मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन


पश्चिम बर्दवान, 30 जून (हि. स.)। जिले के बागबंदी कालीपहाड़ी स्थित जीडीडीएस कश्यप प्राइवेट लिमिटेड में करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुन्ना साव (37) के रूप में हुई है, जो कालीपहाड़ी क्षेत्र का निवासी था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और श्रमिकों में भारी आक्रोश देखा गया।

मंगलवार को आक्रोशित मजदूरों और स्थानीय लोगों ने मृतक श्रमिक के शव को फैक्ट्री गेट के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मजदूरों का आरोप था कि फैक्ट्री परिसर में कई स्थानों पर बिजली की नंगी तारें मौजूद थीं और इसे लेकर पहले भी हादसे की आशंका जताई गई थी।

श्रमिकों के अनुसार, इस संबंध में कई बार प्रबंधन को अवगत कराया गया, लेकिन सुरक्षा उपायों को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनका दावा है कि इसी लापरवाही के कारण मुन्ना साव करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने कंपनी पर कर्मचारियों को ईएसआई और पीएफ जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया। लंबे समय तक काम कराने और उचित वेतन नहीं देने को लेकर भी पहले कई बार श्रमिकों और प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन चुकी थी।

घटना की सूचना पाकर आसनसोल साउथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी।

इस बीच मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहा।

श्रमिक नेता राहुल सिंह ने बताया कि शाम के समय फैक्ट्री प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में फैक्ट्री के मैनेजर नारायण कुमार और विजय बरनवाल मौजूद रहे। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और इस पर हस्ताक्षर किए गए।

राहुल सिंह के अनुसार, प्रबंधन ने मृतक के परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। समझौते के तहत फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये की अग्रिम सहायता राशि भी दी गई, जबकि शेष राशि जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। समझौते के बाद प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री गेट के सामने से अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा