छठ पूजा और काली पूजा को लेकर आसनसोल में हाईलेवल बैठक, हर घाट पर तैनात होंगे नोडल अधिकारी; सीसीटीवी, एंबुलेंस और सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
आसनसोल, 31 अक्टूबर (हि.स.)।
छठ पूजा और काली पूजा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए शनिवार को आसनसोल में पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन की ओर से उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में जिले के तीन मंत्रियों, सभी विधायकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सेल, ईसीएल, रेलवे सहित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में विशेष रूप से छठ घाटों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन, आवागमन, रोशनी, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि पश्चिम बर्दवान में छठ पूजा बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। कई घाटों पर एक समय में 15 हजार तक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक घाट के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। घाटों पर एंबुलेंस, चिकित्सा सुविधा, सिविल डिफेंस के जवान और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहेगी। पानी के गहरे हिस्सों को चिह्नित कर वहां श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगाई जाएगी। खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक घाट पर सरकारी अधिकारियों, स्थानीय विधायकों के प्रतिनिधियों, पूजा समितियों और सामाजिक संस्थाओं के संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ रास्तों की मरम्मत और आवागमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। दामोदर नदी में पानी के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए डीवीसी के साथ भी समन्वय किया जाएगा, ताकि अचानक जलस्तर बढ़ने से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
मंत्री ने कहा कि हाल ही में कोलकाता के चोरबागान में दुर्गापूजा के दौरान हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी। इस घटना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं रखना चाहता। दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने का दावा नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार और प्रशासन अपनी ओर से हरसंभव एहतियाती कदम उठाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि काली पूजा के लिए किसी भी पुराने या नए पूजा आयोजन को अनुमति देने में सरकार की ओर से बाधा नहीं होगी। कुछ पूजा समितियों को अनुमति, बिजली के बिल और अग्निशमन विभाग से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में जिले की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) के साथ भी समन्वय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अग्निशमन और बिजली से संबंधित शुल्क को लेकर सरकार के दिशा-निर्देश पहले से मौजूद हैं। किसी भी पूजा समिति को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था में कई बार संवाद और समन्वय की कमी रहती थी, लेकिन अब सरकार सभी संबंधित पक्षों को एक साझा मंच पर लाकर निर्णय ले रही है। प्रशासन, पुलिस, पूजा समितियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के सहयोग से सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी।
छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि जरूरत वाले मार्गों का सर्वे कराया जा रहा है। जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के स्तर पर भी इस संबंध में प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। जहां यात्रियों की अधिक जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, सेल और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों के बोनस को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल किसी बड़े स्तर पर बोनस बकाया रहने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित एक समझौते को सरकार ने पूरा कराया है। श्रम मंत्री के रूप में उनकी प्राथमिकता प्रबंधन और श्रमिकों के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन काम और जिम्मेदारी के प्रति भी गंभीरता जरूरी है।
बैठक में परिवहन एवं श्रम मंत्री अर्जुन सिंह, शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल और मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार मौजूद रहे। इनके अलावा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी (आसनसोल उत्तर), विधायक जितेंद्र तिवारी (पांडवेश्वर), विधायक अरिजीत रॉय (बाराबनी) और विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय (दुर्गापुर पूर्व) शामिल हुए।
बैठक में पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार, जिलाधिकारी एस पोन्नंमबलम, दुर्गापुर एवं आसनसोल के एसडीओ, एडीएम (जनरल), एडीएम (जिला परिषद), जिला परिषद के प्रतिनिधि तथा सेल, ईसीएल और रेलवे सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

