मंत्री अर्जुन सिंह के नाम पर फर्जी सिफारिशी पत्र बनाने का आरोप, दो गिरफ्तार
उत्तर 24 परगना, 31 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के श्रम एवं परिवहन मंत्री तथा नोआपाड़ा के भाजपा विधायक अर्जुन सिंह के नाम पर कथित तौर पर फर्जी सिफारिशी पत्र और प्रमाणपत्र तैयार कर लोगों को बेचने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सोमनाथ दास और रोमन दास के रूप में हुई है। दोनों उत्तर 24 परगना के इच्छापुर इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोप है कि दोनों ने मंत्री अर्जुन सिंह के नाम और पद का इस्तेमाल करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें इलाके के कई लोगों को बेच दिया। हाल ही में एक व्यक्ति ने ऐसा ही एक कथित प्रमाणपत्र सरकारी कार्यालय में जमा कराया था। दस्तावेज की सत्यता को लेकर संबंधित अधिकारियों को संदेह हुआ। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। संबंधित व्यक्ति ने नोआपाड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर सोमनाथ दास और रोमन दास को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब दोनों आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी प्रमाणपत्र कहां तैयार किए जाते थे और इन्हें किन-किन लोगों को बेचा गया।
भाजपा के नोआपाड़ा-2 मंडल अध्यक्ष सुप्रिय दे ने शुक्रवार को बताया कि मामले की जानकारी मंत्री अर्जुन सिंह को भी दी गई है। उनके अनुसार, मंत्री ने प्रशासन से बात कर पूरे मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी एवं मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ दस्तावेजों की जालसाजी और धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। शुक्रवार को दोनों आरोपितों को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने के स्रोत और पूरे नेटवर्क की जानकारी हासिल करने के लिए दोनों को हिरासत में लेने की मांग की।
हालांकि, अदालत में पेशी के दौरान आरोपितों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

