चोरबागान भगदड़ में आरामबाग के तीन लोगों की मौत
बर्दवान, 18 अक्टूबर (हि.स.)।
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा मंडप में मची भगदड़ में हुगली जिले के आरामबाग के एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में पियाली प्रामाणिक, उनकी ननद टगर बेज और टगर का नाबालिग बेटा संदीप बेज शामिल हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद आरामबाग के मलयपुर-1 ग्राम पंचायत अंतर्गत बालिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिवार के सूत्रों के अनुसार, दुर्गापूजा के दौरान विभिन्न पूजा मंडपों के दर्शन करने के उद्देश्य से परिवार के सदस्य दो दिन पहले कोलकाता गए थे। शनिवार यानी सप्तमी की शाम वे उत्तर कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा मंडप में मां दुर्गा की प्रतिमा और आकर्षक थीम देखने पहुंचे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पूजा दर्शन की यह यात्रा परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन जाएगी।
बताया गया है कि मंडप में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ थी। इसी बीच अचानक बारिश शुरू हो गई। इसके बाद पूजा आयोजकों की ओर से माइक से घोषणा कर लोगों को जल्द और सुरक्षित तरीके से मंडप खाली करने के लिए कहा गया। घोषणा के बाद बाहर निकलने की जल्दबाजी में भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई और लोगों की भीड़ के दबाव में पियाली, टगर और संदीप जमीन पर गिर पड़े। तीनों भीड़ की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद बचाव दल ने तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस घटना की खबर बालिया गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। जिन घरों में दुर्गापूजा की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब केवल आंसू और सन्नाटा है। मृतकों के रिश्तेदारों और परिचितों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति के सामने हर कोई खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
चोरबागान की इस दर्दनाक घटना ने बड़े पूजा मंडपों में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित निकास मार्ग और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर संबंधित अधिकारियों की जांच से आगे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

