दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए मां की मार्मिक गुहार
पश्चिम बर्दवान, 05 सितंबर (हि. स.)। आसनसोल में डेंगू जागरूकता और स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान मोहिशिला की रहने वाली जयश्री भट्टाचार्य ने अपनी दिव्यांग बेटी के इलाज को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के समक्ष मार्मिक गुहार लगाई। यह मामला शनिवार को आसनसोल में आयोजित डेंगू रोकथाम एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सामने आया।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपना आवेदन रखा, जिसमें गंभीर रूप से दिव्यांग मरीजों के लिए घर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जयश्री भट्टाचार्य के पति पेशे से इंजीनियर थे और उनका कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। पति के निधन के बाद अपनी दिव्यांग बेटी की देखभाल की जिम्मेदारी जयश्री के कंधों पर है। उनका कहना है कि बेटी की शारीरिक स्थिति ऐसी है कि उसे इलाज के लिए बार-बार अस्पताल ले जाना बेहद कठिन होता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि ऐसे मरीजों के लिए सरकारी चिकित्सकों की टीम घर तक भेजने की व्यवस्था की जाए। डॉक्टर घर पर मरीज की प्राथमिक जांच कर सकें और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में इलाज की सलाह दे सकें। इससे गंभीर रूप से दिव्यांग और बिस्तर पर रहने वाले मरीजों के परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
जयश्री की यह मांग केवल अपनी बेटी तक सीमित नहीं है। उन्होंने ऐसे तमाम परिवारों की समस्या की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया, जिनके घरों में गंभीर रूप से दिव्यांग या चलने-फिरने में असमर्थ मरीज हैं। ऐसे मरीजों को अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए काफी मुश्किल होता है।
आसनसोल में आयोजित कार्यक्रम में नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने डेंगू के खिलाफ जागरूकता रैली में हिस्सा लिया और लोगों से घरों तथा आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। इसी दौरान एएमसी सिटी वाच के 10 वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जयश्री भट्टाचार्य द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखने का वीडियो सामने आने के बाद उनकी अपील चर्चा में आ गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

