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हटाई गयी अनुव्रत मंडल की सरकारी सुरक्षा

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हटाई गयी अनुव्रत मंडल की सरकारी सुरक्षा


बीरभूम, 29 मई (हि. स.)। बीरभूम के दिग्गज नेता तृणमूल नेता अनुव्रत मंडल जिनका निर्देश ही अंतिम माना जाता था। जेल से लौटने के बाद बीरभूम की राजनीति में काफी बदलाव आ गया। अब कभी बेहद प्रभावशाली रहे अनुव्रत मंडल काफी हद तक हाशिये पर आ गए हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही वह लगभग घर में ही सीमित हैं। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात से राज्य पुलिस के तीन सुरक्षा कर्मियों को भी हटा लिया गया।

राज्य ग्रामीण विकास बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अनुव्रत मंडल को लंबे समय तक वाई प्लस सुरक्षा मिली हुई थी। हर समय उनके साथ हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। यहां तक कि बोलपुर के निचुपट्टी स्थित उनके घर पर भी राज्य पुलिस के जवान पहरा देते थे। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कई प्रभावशाली तृणमूल नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई, जिनमें अनुव्रत मंडल भी शामिल थे।

वाई प्लस सुरक्षा हटने के बाद उनके लिए दो सशस्त्र सुरक्षाकर्मी और घर पर एक पुलिसकर्मी तैनात रखा गया था। लेकिन गुरुवार रात से यह व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई। सुरक्षा हटने के बाद अब उनके करीबी हलकों में निजी सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, उनके लिए निजी सुरक्षा गार्ड की तलाश की जा रही है। हालांकि इस पूरे मामले पर अनुव्रत मंडल की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय अनुव्रत मंडल का काफी दबदबा था। उनके बारे में यह कहावत तक मशहूर थी कि “बाघ और गाय एक ही घाट पर पानी पीते हैं।” राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल की स्थिति कमजोर हुई है। बीरभूम में भी भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव परिणाम आने के बाद से जिले में तृणमूल के छोटे-बड़े नेताओं की सक्रियता कम दिखाई दे रही है। वहीं अनुव्रत मंडल भी बोलपुर स्थित अपने घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उनके घर के बाहर पहले की तरह समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ भी अब नजर नहीं आती।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा