अन्नपूर्णा दिवस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बोले - ‘सिर्फ भत्ता देने नहीं, सुधार करने आए हैं’
कोलकाता, 17 सितंबर (हि. स.)। अन्नपूर्णा दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली (ममता बनर्जी) सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल भत्ता देने के लिए नहीं आई है, बल्कि राज्य में व्यापक सुधार करने के लिए आई है। उन्होंने नशामुक्त पश्चिम बंगाल बनाने, बाल विवाह रोकने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
गुरुवार को विधाननगर के मिलन मेला प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बाल विवाह और कम उम्र में प्रसव की समस्या को रोकने के लिए भी काम कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ भत्ता देने नहीं, बल्कि सुधार करने आई है।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद शुरुआती महीनों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की शिकायतों की जांच के लिए आयोग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार की किसी भी घटना को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना की चौथी किस्त को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में राशि भेजी जा चुकी है और बाकी पात्र लाभार्थियों के खातों में भी दिनभर में राशि पहुंच जाएगी। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये दिए जाने की बात उन्होंने दोहराई।
प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में 50 लाख से अधिक नए घरों के निर्माण के लिए सूची तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इन घरों का स्वामित्व महिलाओं के नाम किया जाएगा और समझौते भी महिलाओं के नाम पर होंगे।
महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में पांच हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को कन्या रत्न दिवस के अवसर पर बेटियों के खातों में एक हजार रुपये भेजे गए थे। अगले वर्ष यह राशि बढ़ाकर दो हजार रुपये करने की घोषणा भी उन्होंने की।
बाल विवाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 वर्ष की उम्र से पहले किसी लड़की का विवाह नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और विवाह में मदद करने वालों को भी कानून का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने उच्च माध्यमिक के बाद बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर की तीन वर्ष की पढ़ाई के दौरान बेटियों को कुल 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अन्नपूर्णा दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण के साथ-साथ नशामुक्ति, बाल विवाह रोकने और महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी महिला के साथ अत्याचार होने पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

