सरकारी भूमि से अवैध निर्माण हटाने पर सख्त हुआ आसनसोल निगम
आसनसोल 27 मई (हि.स.)। सरकारी जमीन पर बढ़ते अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ आसनसोल नगर निगम ने अब सख्त रुख अपना लिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जीटी रोड स्थित आश्रम मोड़ इलाके में एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसे लेकर इलाके में हलचल तेज हो गई है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह मामला आश्रम मोड़ स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने किए गए कथित अवैध निर्माण से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में वार्ड संख्या 43 के तालपुकुरिया बायलेन क्षेत्र के कई स्थानीय निवासियों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य होने से आम लोगों के आवागमन में गंभीर समस्या पैदा हो रही है और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित स्थान पर बिना किसी वैध अनुमति के स्थायी ढांचा खड़ा किया गया है। निगम प्रशासन ने इसे नगर नियोजन नियमों और सरकारी भूमि संरक्षण कानून का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया।
नगर निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, संबंधित अवैध निर्माण को 31 मई 2026, शनिवार को सुबह 11:30 बजे ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए इंजीनियरों, सर्वेयरों और प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों को पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है।
निगम सूत्रों के अनुसार, ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन का मानना है कि हाल के दिनों में शहर के विभिन्न हिस्सों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसके कारण अब व्यापक स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जीटी रोड जैसे व्यस्त इलाके में अनधिकृत निर्माण के कारण पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई नागरिकों ने निगम की इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यदि समय रहते ऐसे निर्माणों पर रोक नहीं लगाई गई तो शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं
नगर निगम प्रशासन ने साफ कहा है कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि नियमों के पालन और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
दूसरी ओर अवैध निर्माण कराने का आरोपित रबीउल इस्लाम की प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सकी है। हालांकि उन्होंने प्रतिक्रिया देने पर सहमति व्यक्ति की है और कहा है कि अपनी बात जरूर सबके सामने रखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

