home page

जलपाईगुड़ी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप, जांच की मांग

 | 

जलपाईगुड़ी, 8 सितंबर (हि.स.): जलपाईगुड़ी के आनंदचंद्र कॉलेज और जलपाईगुड़ी लॉ कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समर्थकों के बीच विवाद के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। एबीवीपी ने अपने कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एबीवीपी का आरोप है कि सोमवार को जलपाईगुड़ी लॉ कॉलेज में दोनों छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच झड़प हुई। इसके बाद सोमवार देर रात आनंदचंद्र कॉलेज के सामने मौजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर हमला किया गया।

संगठन के अनुसार, इस घटना में एक एबीवीपी कार्यकर्ता के सिर पर गंभीर चोट लगी। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि बाहरी राजनीतिक तत्वों के माध्यम से शिक्षण संस्थानों का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। संगठन ने कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में बाहरी लोगों की राजनीतिक दखलंदाजी पर रोक लगाने की मांग की है।

वहीं, सोमवार देर रात जलपाईगुड़ी में माकपा जिला कार्यालय में हुई कथित तोड़फोड़ और आगजनी की घटना से एबीवीपी ने खुद को अलग किया है। संगठन ने कहा कि इस घटना में उसका कोई संबंध नहीं है और पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, घटना को लेकर एबीवीपी पर आरोप लगाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। एबीवीपी ने मांग की है कि कॉलेजों में हुई घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच की जाए। संगठन ने हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

एबीवीपी के उत्तर बंगाल राज्य सचिव दीप दत्त ने कहा कि छात्रों पर हमला कर या बाहरी लोगों के जरिए शिक्षण संस्थानों में भय का माहौल बनाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में शांति, लोकतांत्रिक वातावरण और छात्र हितों की रक्षा के लिए एबीवीपी अपना विरोध जारी रखेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार