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हाईवे निर्माण के कारण छिना रोजी-रोटी का जरिया, वृद्धा ने मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र लिख कर मांगा इंसाफ

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हाईवे निर्माण के कारण छिना रोजी-रोटी का जरिया, वृद्धा ने मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र लिख कर मांगा इंसाफ


अलीपुरद्वार, 25 फरवरी (हि.स)। जिले के फालाकाटा–सलसलाबाड़ी हाईवे निर्माण के कारण एक बुजुर्ग महिला की 40 साल पुरानी रोजी-रोटी छिन गई, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी पुनर्वास नहीं मिला है।

अलीपुरद्वार-1 ब्लॉक के पूर्व काठालबाड़ी की बुजुर्ग बुदेश्वरी बर्मन (60) ने इस मामले में मुख्यमंत्री और जिला परिषद को खुला पत्र लिखकर विरोध जताया है।

जानकारी के अनुसार, शालकुमार मोड़ पर बुदेश्वरी देवी पिछले चार दशकों से चाय की दुकान चलाकर अपना जीवन यापन कर रही थी। उनके पति का कई साल पहले निधन हो चुका है और उनकी कोई संतान भी नहीं है। वह उसी दुकान में रहती भी थी। हाल ही में सड़क निर्माण कार्य के चलते उनकी दुकान तोड़ दी गई। फिलहाल वह अपने भतीजे के घर में रहने को मजबूर है।

बुजुर्ग महिला का आरोप है कि पलाशबाड़ी के व्यवसायियों को जिला परिषद की पहल पर पुनर्वास दिया गया, लेकिन शालकुमार मोड़ के दुकानदारों को नजरअंदाज कर दिया गया। मजबूरी में वह अब नई सड़क के किनारे एक छाता लगाकर, दुर्घटना के खतरे के बीच फिर से छोटी सी दुकान चला रही है।

उन्होंने मोड़ पर चार बड़े फ्लेक्स भी लगाए है, जिनमें उनकी पुरानी और वर्तमान दुकान की तस्वीरों के साथ पुनर्वास की मांग लिखी गई है। उनका कहना है, मुझे भी पलाशबाड़ी में पुनर्वास दिया जाए। अभी सड़क किनारे छाता लगाकर किसी तरह दुकान चला रही हूं। अगर हटने को कहा गया तो यह सहारा भी छिन जाएगा।

गौरतलब है कि कभी शिलबाड़ीहाट व्यापारी समिति के साथ आंदोलन में शामिल रहने वाली बुदेश्वरी देवी अब जीवन के इस पड़ाव पर अकेले संघर्ष कर रही है।

इस संबंध में जिला परिषद के सहकारी सभाधिपति मनोरंजन दे ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कर उचित कदम उठाएंगे और बुदेश्वरी देवी की हर संभव मदद करने का प्रयास करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार