राढ़ बांग्ला केवल उद्योग और खनिज की धरती नहीं : अग्निमित्रा पाल
पश्चिम बर्दवान, 13 सितंबर (हि. स.)। बर्नपुर के भारती भवन में रविवार को राढ़ बांग्ला साहित्य परिषद और भारती भवन के संयुक्त तत्वावधान में साहित्य एवं सांस्कृतिक सम्मेलन सह गुणीजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री अग्निमित्रा पाल उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अग्निमित्रा पाल ने राढ़ बांग्ला की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राढ़ बांग्ला केवल खनिज और उद्योग की धरती नहीं, बल्कि चेतना, संस्कृति और सृजन की भूमि भी है। लाल माटी का यह क्षेत्र लंबे समय से साहित्य और संस्कृति को समृद्ध करता आया है।
उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। प्रशासन और राजनीति से जुड़े लोगों को भी साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और समाजसेवियों से प्रेरणा मिलती है। प्रशासन जहां समाज की बाहरी जिम्मेदारियों को संभालता है, वहीं साहित्य और संस्कृति लोगों के भीतर की रोशनी को मजबूत करने का काम करते हैं।
मंत्री ने कहा कि गुणीजनों का सम्मान करना समाज का दायित्व है। जो समाज अपनी प्रतिभाओं का सम्मान नहीं करता, वह नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने राढ़ बांग्ला साहित्य परिषद की ओर से लंबे समय से संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास केवल उद्योग और आर्थिक प्रगति से पूरा नहीं होता। विकास के साथ साहित्य, कला और संस्कृति को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने भारती भवन और राढ़ बांग्ला साहित्य परिषद को आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए संस्कृति की इस यात्रा में अपना सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भगवान विश्वकर्मा और भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलने की कामना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

