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कोलकाता में जलजमाव की समस्या दूर करने को 2.2 किलोमीटर पुराने नाले का जीर्णोद्धार, अग्निमित्रा पाल ने किया शिलान्यास

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कोलकाता में जलजमाव की समस्या दूर करने को 2.2 किलोमीटर पुराने नाले का जीर्णोद्धार, अग्निमित्रा पाल ने किया शिलान्यास


कोलकाता में जलजमाव की समस्या दूर करने को 2.2 किलोमीटर पुराने नाले का जीर्णोद्धार, अग्निमित्रा पाल ने किया शिलान्यास


कोलकाता, 08 अक्टूबर (हि. स.)। कोलकाता नगर निगम के निकासी और नागरिक सेवा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की गई है। शहर में लंबे समय से जलजमाव की समस्या को कम करने के उद्देश्य से बीबी गांगुली स्ट्रीट स्थित ब्रिटिशकालीन ईंट के पुराने नाले का जीर्णोद्धार किया गया है। देशबंधु पार्क में आयोजित कार्यक्रम में इस नागरिक बुनियादी ढांचा परियोजना का शिलान्यास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने किया। इस अवसर पर मंत्री तापस राय और नगर निगम प्रशासक स्मिता पांडे भी मौजूद रहीं।

चौरंगी विधानसभा क्षेत्र के प्लानिंग एंड डेवलपमेंट विभाग की पहल पर बीबीडी बाग पूर्व से एपीसी रोड के संपर्क स्थल तक करीब 2.2 किलोमीटर लंबे नाले से गाद निकालने और उसकी लाइनिंग का काम किया गया है। नगर निगम का दावा है कि इस कार्य के बाद बारिश के दौरान मध्य कोलकाता के बड़े हिस्से में जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम होगी। इस परियोजना पर करीब 38 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

मंत्री तापस राय ने बताया कि करीब 24 महीने में पूरा होने वाला काम नगर निगम के इंजीनियरों ने महज 13 महीने में पूरा कर लिया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिशकालीन यह नाला छह फीट से अधिक गहरा है और लंबे समय से इसमें गाद जमा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से कोलकाता के अन्य पुराने ईंट के नालों की भी इसी तरह लाइनिंग करने की योजना है।

वहीं, मानिकतला विधानसभा क्षेत्र के उत्तरण सेवा विभाग की पहल पर 28 पोर्टेबल जैव-शौचालय भी नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 20 भारतीय शैली और आठ पश्चिमी शैली के शौचालय शामिल हैं।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में जिन कार्यों पर ध्यान नहीं दिया गया या जो बेहद धीमी गति से हुए, वर्तमान सरकार उन्हें तेजी से पूरा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि महज साढ़े चार महीने में 28 शौचालय तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही शहर के विभिन्न इलाकों में पिंक टॉयलेट शुरू करने की भी योजना है।

अग्निमित्रा पाल ने नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में आम लोगों की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से सड़कों पर पेशाब या थूकने से बचने, फुटपाथ और सड़कों पर वाहन पार्क नहीं करने तथा घरों के सामने ईंट, बालू और पत्थर आदि रखकर रास्ता बाधित नहीं करने की अपील की। उन्होंने डेंगू को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया।

नागरिक सेवा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए घर-घर क्यूआर कोड लगाने की योजना की भी जानकारी मंत्री ने दी। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी सफाईकर्मी ने संबंधित घर में सेवा के लिए दौरा किया है या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कचरे के पृथक्करण पर भी विशेष जोर दिया।प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए दक्षिणेश्वर और कालीघाट की तस्वीरों वाले कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की पहल की भी जानकारी दी गई।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि नागरिकों को केवल सरकार पर निर्भर रहने के बजाय अपने-अपने क्षेत्रों में भी जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से ‘कम्युनिटी लीडर’ की भूमिका निभाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा